Cds Ii – Nov 2020 - Master Batch-1 And Capf Acs – Dec-2020 - Master Batch-1 - Cds Exam 2020:...




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वक्त काफी बदल गया है। आज के समय में  सिर्फ लड़के ही देश की रक्षा की सेवा (डिफेन्स सर्विसेज) के सपने नहीं देखते हैं बल्कि लड़कियां भी यह सपना देखती हैं। कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) की परीक्षा देश की होनहार लड़कियों के लिए भी एक सुनहरा मौका लेकर आई है। UPSC द्वारा आयोजित इस परीक्षा में लड़के-लड़कियां दोनों के लिए ही वैकेंसीज हैं। बस आपको इस परीक्षा के लिए जो भी मापदंड है उनको पूरा करना होगा जैसे कि आपका अविवाहित होना आवश्यक है।

आज हम इस विशेष लेख में सेना में चयनित महिला उम्मीदवारों के बारे में बात करेंगे। हम बताएंगे कि CDS की परीक्षा में लड़कियों के लिए क्या मौकें हैं और वे इसे कैसे पास कर सकती हैं।

साल 1992 में पहली बार महिलाओं के लिए सेना में भर्ती होने का मौका आया था। यह एक ऐसी शुरुआत थी जिसके परिणाम स्वरुप आज भारतीय सेना में 1200 से अधिक महिला कैडेट कार्यरत हैं। CDS परीक्षा के माध्यम से महिला उम्मीदवार सिर्फ ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी यानी OTA के लिए ही चयनित होती हैं।

जब OTA के ट्रेनिंग सेंटर से महिला उम्मीदवार ट्रेनिंग लेकर निकलती हैं तो वे  7वें वेतन आयोग अंतर्गत आने वाले पे-स्केल की हकदार हो जाती हैं। साथ ही उन्हें सक्रिय क्षेत्र भत्ता, मुआवजा संशोधित क्षेत्र भत्ता, हाई अल्टिट्यूड भत्ता, महंगाई भत्ता, किट मेंटेनेंस भत्ता, वर्दी भत्ता आदि की भी सुविधाएं मिलती है। आज के समय में महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। यही कारण है कि भारतीय सेना में प्रत्येक वर्ष महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। यह देश के लिए गौरव की बात है।

आइए देश की ऐसी ही कुछ जांबाज महिला अफसरों के बारे में जानते हैं जो CDS परीक्षा के माध्यम से ही सेना में चयनित हुईं हैं।

साल की शुरुआत में हुए CDS (1) 2020 परीक्षा में शामिल हुई ILS LAW कॉलेज की छात्रा श्रुति महिलाओं की लिस्ट में टॉप पर रहीं। उनका बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होने का सपना था। श्रुति बताती हैं कि वो रोजाना 6-7 घंटे करंट अफेयर्स व अन्य विषयों की पढ़ाई करती थीं। वहीं, परशुरामभाऊ कॉलेज की M.Sc की छात्रा किरण राउत, जो इस परीक्षा में चौथे स्थान पर थीं, वे बताती हैं कि वे इस परीक्षा के लिए गणित और अंग्रेजी विषय में कड़ी मेहनत करती थीं।

ऐसे ही एक अन्य उदाहरण अंजना भदौरिया हैं। जिन्होंने यह साबित कर दिया कि महिलाएं सिर्फ सेना में भर्ती ही नहीं हो सकती बल्कि देश के लिए मेडल भी जीत सकती हैं। अंजना एक ऐसी महिला कैडेट हैं जिन्हें पहली बार गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है। अंजना OTA के पहले बैच की सदस्य हैं। ऐसी ही कुछ और महिला अधिकारियों के नाम भी हैं जिन्होंने सेना में बेहतरीन कार्य करके अन्य महिलाओं को प्रेरित किया है:-


  • कर्नल मिथाली मधुमिथिया - ये पहली महिला ऑफिसर हैं जिन्होंने साल 2000 में गैलेंट्री अवार्ड जीता।

  • स्वाति सिंह - ये एक इंजीनियरिंग स्नातक हैं। स्वाति देश की पहली महिला ऑफिसर हैं जिन्हें "नाथु ला" पास में सिग्नल इंचार्ज की पोस्ट पर तैनात किया गया था।

  • दिव्या अजित कुमार - साल 2010 में कमीशण्ड हुईं  दिव्या ने साल 2015 में गणतंत्र दिवस परेड में 154 महिला कैडेटों का नेतृत्व किया था।

इसलिए एक इंजिनियर से लेकर एक कर्नल की पोस्ट तक, किसी भी विषय में स्नातक महिला उम्मीदवारों के लिए सेना में सुनहरा अवसर है। CDS की परीक्षा के लिए आपको परीक्षा में आने वाले विषयों पर पूरा ध्यान केंद्रित करना है और कड़ी मेहनत सेना में अपना चयन सुनिश्चित करना है।

CDS - CAPF 2020  ऑनलाइन कोर्स
अगर आप भी CDS (2) 2020 की तैयारी करना चाहते हैं, तो Safalta.com आपके लिए एक खास कोर्स लेकर आया है। Safalta.com के 75 दिन के ऑनलाइन कोर्स के जरिये आप भी CDS-CAPF की पक्की तैयारी कर सकते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आज ही आवेदन करने पर 500 रुपये की खास छूट मिल रही है, जिसका लाभ  आप AU500 कूपन कोड का उपयोग कर ले सकते हैं। तो देर किस बात की, आज ही जुड़ें इस कोर्स से और पूरा करें भारतीय सेना में जाने का सपना।

इस कोर्स में फौरन एडमिशन के लिए विजिट करें - https://bit.ly/2QEo64d

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वक्त काफी बदल गया है। आज के समय में  सिर्फ लड़के ही देश की रक्षा की सेवा (डिफेन्स सर्विसेज) के सपने नहीं देखते हैं बल्कि लड़कियां भी यह सपना देखती हैं। कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) की परीक्षा देश की होनहार लड़कियों के लिए भी एक सुनहरा मौका लेकर आई है। UPSC द्वारा आयोजित इस परीक्षा में लड़के-लड़कियां दोनों के लिए ही वैकेंसीज हैं। बस आपको इस परीक्षा के लिए जो भी मापदंड है उनको पूरा करना होगा जैसे कि आपका अविवाहित होना आवश्यक है।




आज हम इस विशेष लेख में सेना में चयनित महिला उम्मीदवारों के बारे में बात करेंगे। हम बताएंगे कि CDS की परीक्षा में लड़कियों के लिए क्या मौकें हैं और वे इसे कैसे पास कर सकती हैं।


साल 1992 में पहली बार महिलाओं के लिए सेना में भर्ती होने का मौका आया था। यह एक ऐसी शुरुआत थी जिसके परिणाम स्वरुप आज भारतीय सेना में 1200 से अधिक महिला कैडेट कार्यरत हैं। CDS परीक्षा के माध्यम से महिला उम्मीदवार सिर्फ ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी यानी OTA के लिए ही चयनित होती हैं।



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आइए देश की ऐसी ही कुछ जांबाज महिला अफसरों के बारे में जानते हैं जो CDS परीक्षा के माध्यम से ही सेना में चयनित हुईं हैं।

साल की शुरुआत में हुए CDS (1) 2020 परीक्षा में शामिल हुई ILS LAW कॉलेज की छात्रा श्रुति महिलाओं की लिस्ट में टॉप पर रहीं। उनका बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होने का सपना था। श्रुति बताती हैं कि वो रोजाना 6-7 घंटे करंट अफेयर्स व अन्य विषयों की पढ़ाई करती थीं। वहीं, परशुरामभाऊ कॉलेज की M.Sc की छात्रा किरण राउत, जो इस परीक्षा में चौथे स्थान पर थीं, वे बताती हैं कि वे इस परीक्षा के लिए गणित और अंग्रेजी विषय में कड़ी मेहनत करती थीं।

ऐसे ही एक अन्य उदाहरण अंजना भदौरिया हैं। जिन्होंने यह साबित कर दिया कि महिलाएं सिर्फ सेना में भर्ती ही नहीं हो सकती बल्कि देश के लिए मेडल भी जीत सकती हैं। अंजना एक ऐसी महिला कैडेट हैं जिन्हें पहली बार गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है। अंजना OTA के पहले बैच की सदस्य हैं। ऐसी ही कुछ और महिला अधिकारियों के नाम भी हैं जिन्होंने सेना में बेहतरीन कार्य करके अन्य महिलाओं को प्रेरित किया है:-


  • कर्नल मिथाली मधुमिथिया - ये पहली महिला ऑफिसर हैं जिन्होंने साल 2000 में गैलेंट्री अवार्ड जीता।

  • स्वाति सिंह - ये एक इंजीनियरिंग स्नातक हैं। स्वाति देश की पहली महिला ऑफिसर हैं जिन्हें "नाथु ला" पास में सिग्नल इंचार्ज की पोस्ट पर तैनात किया गया था।

  • दिव्या अजित कुमार - साल 2010 में कमीशण्ड हुईं  दिव्या ने साल 2015 में गणतंत्र दिवस परेड में 154 महिला कैडेटों का नेतृत्व किया था।

इसलिए एक इंजिनियर से लेकर एक कर्नल की पोस्ट तक, किसी भी विषय में स्नातक महिला उम्मीदवारों के लिए सेना में सुनहरा अवसर है। CDS की परीक्षा के लिए आपको परीक्षा में आने वाले विषयों पर पूरा ध्यान केंद्रित करना है और कड़ी मेहनत सेना में अपना चयन सुनिश्चित करना है।

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