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वैश्विक विज्ञान कार्यक्रम के तहत भारतीय छात्रों द्वारा 18 नए एस्टेरॉयड की खोज की गई है। इस बात की पुष्टि अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (आईएयू) द्वारा कर दी गई है। आपको बता दें, आईएयू सेलेस्टिअल बॉडीज (आकाशीय निकायों) को आधिकारिक नाम और पदनाम प्रदान करने वाली संस्था है। नासा के सिटीजन साइंस परियोजना के तहत आईएएससी (इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल सर्च कोलैबोरेशन) और ‘एसटीईएम एंड स्पेस’ संगठन ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय एस्टेरॉयड खोज परियोजना का आयोजन किया था। ज्ञात हो कि ‘एसटीईएम एंड स्पेस’ संगठन भारत में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के शिक्षण के क्षेत्र में काम करता है।
एसटीईएम एंड स्पेस संगठन की सह-संस्थापक मिला मित्रा बताती हैं कि भारत में एस्टेरॉयड की खोज करने के लिए चलाए गए अभियानों में से यह सबसे बड़ा अभियान है। इसमें दो महीनों तक पूरे देश के 150 छात्रों ने 18 नए एस्टेरॉयड की खोज कर भारत का नाम विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ाया है।
इस परियोजना में भारत और दुनिया भर के छात्रों ने आईएएससी द्वारा प्रदान किए गए उच्च गुणवत्ता वाले खगाेलीय डेटा का विश्लेषण किया। मालुम हो कि आईएएससी, एस्टेरॉयड और एनईओ (नियर अर्थ ऑब्जेक्ट्स) की खोज के लिए चलाया गया एक ऑनलाइन वैज्ञानिक कार्यक्रम है।
यह भी पढ़ें - Sarkari Naukri Live 2021: ये हैं मार्च माह की 7 सबसे बड़ी नौकरियां, फौरन करें आवेदन
मित्रा बताती हैं कि नासा द्वारा एस्टेरॉयड की नियमित खोज के लिए आईएएससी जैसे कार्यक्रम चलाए जाते रहते हैं और अधिक संख्या में एस्टेरॉयड्स की खोज करने के लिए यह कार्यक्रम वैज्ञानिकों और छात्रों के लिए भी रखे जाते हैं। इसके तहत एस्टेरॉयड्स को देखने के लिए छात्र प्रत्येक दिन लगभग दो से तीन घंटे तक आधुनिक सॉफ्टवेयर विश्लेषण का उपयोग करते हैं और इस अवधि के बाद अपने निष्कर्षों की रिपोर्ट तैयार करते हैं।
यह भी पढ़ें - रेलवे, नौसेना और हाई कोर्ट में बंपर नौकरियां, आवेदन हेतु एक सप्ताह से भी कम समय शेष
वैश्विक विज्ञान कार्यक्रम के तहत भारतीय छात्रों द्वारा 18 नए एस्टेरॉयड की खोज की गई है। इस बात की पुष्टि अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (आईएयू) द्वारा कर दी गई है। आपको बता दें, आईएयू सेलेस्टिअल बॉडीज (आकाशीय निकायों) को आधिकारिक नाम और पदनाम प्रदान करने वाली संस्था है। नासा के सिटीजन साइंस परियोजना के तहत आईएएससी (इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल सर्च कोलैबोरेशन) और ‘एसटीईएम एंड स्पेस’ संगठन ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय एस्टेरॉयड खोज परियोजना का आयोजन किया था। ज्ञात हो कि ‘एसटीईएम एंड स्पेस’ संगठन भारत में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के शिक्षण के क्षेत्र में काम करता है।
एसटीईएम एंड स्पेस संगठन की सह-संस्थापक मिला मित्रा बताती हैं कि भारत में एस्टेरॉयड की खोज करने के लिए चलाए गए अभियानों में से यह सबसे बड़ा अभियान है। इसमें दो महीनों तक पूरे देश के 150 छात्रों ने 18 नए एस्टेरॉयड की खोज कर भारत का नाम विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ाया है।
इस परियोजना में भारत और दुनिया भर के छात्रों ने आईएएससी द्वारा प्रदान किए गए उच्च गुणवत्ता वाले खगाेलीय डेटा का विश्लेषण किया। मालुम हो कि आईएएससी, एस्टेरॉयड और एनईओ (नियर अर्थ ऑब्जेक्ट्स) की खोज के लिए चलाया गया एक ऑनलाइन वैज्ञानिक कार्यक्रम है।
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