एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 29 Dec 2020 04:35 PM IST
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IFS Suyash Chavan: UPSC की तैयारी में एक लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हिस्सा लेते हैं। लेकिन क्लीयर सिर्फ वही कर पाते हैं, जिनकी तैयारी खास होती है। महाराष्ट्र के सुयश चव्हाण ने कुछ ऐसी ही खास तैयारी से एक साल की तैयारी में पहली बार में यूपीएससी क्लीयर करके साल 2018 में 56वीं रैंक हासिल की। वर्तमान में वो इंडियन फॉरेन सर्विस में हैं। आइए इनके बारे में पढ़ते हैं सबकुछ...
सुयश मूल रूप से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा रीजन में बसे शहर नांदेड़ के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से पूरी की है। इन्होंने जीएमसी औरंगाबाद से MBBS की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद एमडी करने दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज आ गए। यहीं उन्होंने सिविल सर्विस क्लीयर करने का ठान लिया और साल 2016 में तैयारी में जुट गए। सुयश ने दिल्ली लाजपत नगर के एक कमरे में तैयारी शुरू की।
रिवर्स प्लानिंग ने दिलाई कामयाबी -
सुयश अपनी स्ट्रेटजी के बारे में बताते हैं कि मैंने हमेशा रिवर्स स्ट्रेटजी अपनाकर ये तैयारी की। इसका मतलब शुरुआत ऐसे करें कि एग्जाम के एक दिन पहले आप क्या पढ़ रहे होंगे, एक हफ्ते पहले क्या, एक महीने पहले क्या और इसी तरह बाकी साल की भी योजना बनाएं। ऐसा करने से स्ट्रेस से भी बचा जा सकता है क्योंकि यूपीएससी में सबसे ज्यादा प्लानिंग अपने टाइम को लेकर करनी होती है।
क्या है आधे नंबर की कीमत -
आधे नंबर की तैयारी के बारे में उन्होंने बताया कि यूपीएससी में 7 पेपर होते हैं। हर पेपर में 20 सवाल होते हैं, अगर हर 20 में हम आधे नंबर ज्यादा लाने की कोशिश करें तो एक पेपर में दस और सात पेपर में 70 नंबर ला सकते हैं। इसलिए सुयश का लक्ष्य हमेशा से वही आधा नंबर रहा जो उन्हें औरों से अलग बनाता है। उनका मानना है कि यूपीएससी की तैयारी में सही किताबों का चयन और अपने सिलेबस के बारे में पूरी जानकारी भी एक अहम हिस्सा है। वे कहते हैं कि अगर गाइडेड स्टडी करें तो यूपीएससी को आसानी से क्लीयर किया जा सकता है। इसके लिए बहुत ज्यादा समय नहीं बल्कि स्मार्ट स्टडी ज्यादा मायने रखती है।
IFS Suyash Chavan: UPSC की तैयारी में एक लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हिस्सा लेते हैं। लेकिन क्लीयर सिर्फ वही कर पाते हैं, जिनकी तैयारी खास होती है। महाराष्ट्र के सुयश चव्हाण ने कुछ ऐसी ही खास तैयारी से एक साल की तैयारी में पहली बार में यूपीएससी क्लीयर करके साल 2018 में 56वीं रैंक हासिल की। वर्तमान में वो इंडियन फॉरेन सर्विस में हैं। आइए इनके बारे में पढ़ते हैं सबकुछ...
सुयश मूल रूप से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा रीजन में बसे शहर नांदेड़ के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से पूरी की है। इन्होंने जीएमसी औरंगाबाद से MBBS की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद एमडी करने दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज आ गए। यहीं उन्होंने सिविल सर्विस क्लीयर करने का ठान लिया और साल 2016 में तैयारी में जुट गए। सुयश ने दिल्ली लाजपत नगर के एक कमरे में तैयारी शुरू की।
रिवर्स प्लानिंग ने दिलाई कामयाबी -
सुयश अपनी स्ट्रेटजी के बारे में बताते हैं कि मैंने हमेशा रिवर्स स्ट्रेटजी अपनाकर ये तैयारी की। इसका मतलब शुरुआत ऐसे करें कि एग्जाम के एक दिन पहले आप क्या पढ़ रहे होंगे, एक हफ्ते पहले क्या, एक महीने पहले क्या और इसी तरह बाकी साल की भी योजना बनाएं। ऐसा करने से स्ट्रेस से भी बचा जा सकता है क्योंकि यूपीएससी में सबसे ज्यादा प्लानिंग अपने टाइम को लेकर करनी होती है।
क्या है आधे नंबर की कीमत -
आधे नंबर की तैयारी के बारे में उन्होंने बताया कि यूपीएससी में 7 पेपर होते हैं। हर पेपर में 20 सवाल होते हैं, अगर हर 20 में हम आधे नंबर ज्यादा लाने की कोशिश करें तो एक पेपर में दस और सात पेपर में 70 नंबर ला सकते हैं। इसलिए सुयश का लक्ष्य हमेशा से वही आधा नंबर रहा जो उन्हें औरों से अलग बनाता है। उनका मानना है कि यूपीएससी की तैयारी में सही किताबों का चयन और अपने सिलेबस के बारे में पूरी जानकारी भी एक अहम हिस्सा है। वे कहते हैं कि अगर गाइडेड स्टडी करें तो यूपीएससी को आसानी से क्लीयर किया जा सकता है। इसके लिए बहुत ज्यादा समय नहीं बल्कि स्मार्ट स्टडी ज्यादा मायने रखती है।
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