एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
Updated Thu, 03 Sep 2020 03:55 PM IST
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हर इंसान के जीवन में शिक्षक का महत्व सबसे ऊपर होता है। हो भी क्यों न? वही एक व्यक्ति है, जो दूसरे व्यक्ति के चरित्र, क्षमता और भविष्य को संवारने का काम करता है। शिक्षकों के योगदान को देखते हुए उनके सम्मान में हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 1962 में हुई थी। आइए जानते हैं कि आखिर पांच सितंबर को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है
किसकी याद में मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस (पांच सितंबर) के अवसर पर मनाया जाता है। वह एक महान शिक्षक थे। इसके साथ-साथ वह स्वतंत्र भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति भी थे। 1954 में उन्हें भारत रत्न से भी नवाजा गया था।
क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने के पीछे एक रोचक कहानी है। कहा जाता है कि एक बार सर्वपल्ली राधाकृष्णन से उनके छात्रों ने उनके जन्मदिन का आयोजन करने के लिए पूछा। तब राधाकृष्णन ने उनसे कहा कि आप मेरा जन्मदिन मनाना चाहते हैं यह अच्छी बात है, लेकिन अगर आप इस खास दिन को शिक्षकों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान और समर्पण को सम्मानित करते हुए मनाएं तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। उनकी इसी इच्छा का सम्मान करते हुए हर साल पांच सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
हर इंसान के जीवन में शिक्षक का महत्व सबसे ऊपर होता है। हो भी क्यों न? वही एक व्यक्ति है, जो दूसरे व्यक्ति के चरित्र, क्षमता और भविष्य को संवारने का काम करता है। शिक्षकों के योगदान को देखते हुए उनके सम्मान में हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 1962 में हुई थी। आइए जानते हैं कि आखिर पांच सितंबर को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है
किसकी याद में मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस (पांच सितंबर) के अवसर पर मनाया जाता है। वह एक महान शिक्षक थे। इसके साथ-साथ वह स्वतंत्र भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति भी थे। 1954 में उन्हें भारत रत्न से भी नवाजा गया था।
क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने के पीछे एक रोचक कहानी है। कहा जाता है कि एक बार सर्वपल्ली राधाकृष्णन से उनके छात्रों ने उनके जन्मदिन का आयोजन करने के लिए पूछा। तब राधाकृष्णन ने उनसे कहा कि आप मेरा जन्मदिन मनाना चाहते हैं यह अच्छी बात है, लेकिन अगर आप इस खास दिन को शिक्षकों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान और समर्पण को सम्मानित करते हुए मनाएं तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। उनकी इसी इच्छा का सम्मान करते हुए हर साल पांच सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
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