The Delay In Jee And Neet Exams Will Have An Impact On The Job Of Teachers Along With Students Says Aicte And...



न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 28 Aug 2020 03:58 AM IST





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जेईई और नीट में देरी के चलते देशभर के विश्वविद्यालयों में लाखों सीट पर दाखिले अटक गए हैं। इंजीनियरिंग, मेडिकल से लेकर जनरल डिग्री प्रोग्राम में भी अभी तक दाखिले रूके हुए हैं।

दरअसल छात्र इन परीक्षाओं के नतीजे और मनपसंद कॉलेज न मिलने के बाद ही अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिला लेना चाहते हैं। परीक्षाओं में देरी का परिणाम छात्रों के भविष्य पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की नौकरी पर भी पड़ेगा। उधर, यूजीसी भी परीक्षा में देरी पर चिंतित है। क्योंकि छात्रों के इस रवैये से यूजी और पीजी दाखिले अटक गए हैं।

इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर कॉलेज में आवेदन विंडो नहीं खुली:
जेईई और नीट में देरी का असर आईआईटी केअलावा देश के सभी तकनीकी संस्थानों पर पड़ेगा। तकनीकी कॉलेजों में अभी तक बीटेक और आर्किटेक्चर दाखिले की विंडो तक ओपन नहीं हुई है। दरअसल जेईई मेरिट 2020 से इनमें दाखिले होने हैं।

इसमें केंद्र के अलावा स्टेट निजी और डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं। यदि अब ओर अधिक देरी होती है तो फिर कॉलेज सेंट्रलाइज्जड या सामान्य काउंसलिंग कब और कैसे आयोजित करेंगे। इसके बाद तो अकादमिक सत्र समाप्त होने वाला होगा। अधिक देरी से लाखों सीट पर दाखिले अटक जाएंगे। निजी और अन्य तकनीकी कॉलेजों में दाखिले न होने से हजारों शिक्षकों की नौकरी चली जाएगी। क्योंकि कॉलेजों के पास अपने खर्चे निकालने के लिए  पैसे नहीं होंगे।
-प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे, चेयरमैन, एआईसीटीई।



जेईई और नीट में देरी के चलते देशभर के विश्वविद्यालयों में लाखों सीट पर दाखिले अटक गए हैं। इंजीनियरिंग, मेडिकल से लेकर जनरल डिग्री प्रोग्राम में भी अभी तक दाखिले रूके हुए हैं।




दरअसल छात्र इन परीक्षाओं के नतीजे और मनपसंद कॉलेज न मिलने के बाद ही अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिला लेना चाहते हैं। परीक्षाओं में देरी का परिणाम छात्रों के भविष्य पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की नौकरी पर भी पड़ेगा। उधर, यूजीसी भी परीक्षा में देरी पर चिंतित है। क्योंकि छात्रों के इस रवैये से यूजी और पीजी दाखिले अटक गए हैं।




इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर कॉलेज में आवेदन विंडो नहीं खुली:

जेईई और नीट में देरी का असर आईआईटी केअलावा देश के सभी तकनीकी संस्थानों पर पड़ेगा। तकनीकी कॉलेजों में अभी तक बीटेक और आर्किटेक्चर दाखिले की विंडो तक ओपन नहीं हुई है। दरअसल जेईई मेरिट 2020 से इनमें दाखिले होने हैं।

इसमें केंद्र के अलावा स्टेट निजी और डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं। यदि अब ओर अधिक देरी होती है तो फिर कॉलेज सेंट्रलाइज्जड या सामान्य काउंसलिंग कब और कैसे आयोजित करेंगे। इसके बाद तो अकादमिक सत्र समाप्त होने वाला होगा। अधिक देरी से लाखों सीट पर दाखिले अटक जाएंगे। निजी और अन्य तकनीकी कॉलेजों में दाखिले न होने से हजारों शिक्षकों की नौकरी चली जाएगी। क्योंकि कॉलेजों के पास अपने खर्चे निकालने के लिए  पैसे नहीं होंगे।
-प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे, चेयरमैन, एआईसीटीई।





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