एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 22 Aug 2020 05:06 AM IST
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कोविड-19 के चलते जेईई मेन और नीट परीक्षा में छात्र का मिलान अब लिखावट और हस्ताक्षर से होगा। अभी तक परीक्षा केंद्र में छात्र को अंगूठा लगाना पड़ता था। अलग-अलग ग्रुप में सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए छात्रों को क्लासरूम में लाया जाएगा। परीक्षा केंद्र में तैनात सभी कर्मियों और छात्रों को दस्ताने पहनने अनिवार्य होंगे। क्लासरूम में हैंड सेनेटाइजर भी रखे जाएंगे। छात्रों और परीक्षा केंद्र में तैनात शिक्षकों और कर्मियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया गया है। इसी एसओपी के तहत परीक्षा आयोजित होगी।
एसओपी केतहत परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान, परीक्षा खत्म होने पर तीन भागों में बांटा गया है। संक्रमण से छात्रों को बचाने के लिए परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित रखने के चलते टच फ्री रहेगी। छात्रों को अलग-अलग टाइम स्लॉट केआधार पर परीक्षा केंद्र में आना होगा। इसकी जानकारी उन्हें मिल जाएगी। परीक्षा केंद्र में एनटीए केस्वयंसेवक भी तैनात रहेंगे। वे छात्रों को मदद करेंगे। परीक्षा केंद्र में आने वाले शिक्षकों और कर्मियों की भी शरीर के तापमान की नियमित जांच जरूरी होगी।
परीक्षा केंद्र पहुंचने पर:
छात्र को 11 से 11.30 के बीच अलग-अलग स्लॉट में परीक्षा केंद्र में पहुंचना होगा, ताकि गेट पर भीड़ इकट्ठी न हो। इसके बाद छात्र को रजिस्ट्रेशन रूम में जाना होगा, यहां उसके शरीर का तापमान (99.4 डिग्री होना चाहिए)जांचा जाएगा। यहां एक छात्र के निकलने के बाद दूसरे को अंदर बुलाया जाएगा। इसके अलावा अन्य दस्तावेज की जांच होगी। इसमें उसे अपना एडमिट कार्ड, सरकारी फोटो पहचान पत्र दिखाना पड़ेगा। इस पूरी प्रक्रिया 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। इस दौरान छात्र के किसी भी दस्तावेज को छुआ नहीं जाएगा। इसके बाद दोबारा छात्र का तापमान जांचा जाएगा। यदि कोई गड़बड़ होती है तो उसे आइसोलेशन रूम में भेज दिया जाएगा। वहीं, जांच प्रक्रिया पूरी होने पर परीक्षार्थी को रूम नंबर व सीट बतायी जाएगी।
छात्र इनका रखें ध्यान:
मुंह पर मॉस्क और हाथों में दस्ताने पहनने होंगे
पारदर्शी पीने के पानी की बोतल ला सकेंगे
50 एमएल का निजी हैंड सेनेटाइजर लाने की अनुमति होगी
हालांकि उसकी बोतल पारदर्शी होनी चाहिए
नकल रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर से छात्रों की जांच होगी
किसी भी प्रकार की धातू आदि से बने प्रोडेक्ट को अपने साथ न लाएं
मेटल डिटेक्टर दूर से जांच करेगा, इस दौरान छात्र के सीधे संपर्क में कोई नहीं होगा
परीक्षा से संबंधित दस्स्तावेज एडमिट कार्ड, सरकारी फोटो पहचान पत्र आदि।
शौचायल जाने से पहले उन्हें अनुमति लेनी जरूरी होगी।
कमरे में नहीं घूमेंगे शिक्षक:
सामाजिक दूरी के चलते परीक्षा केंद्र में परीक्षा नियंत्रक स्टॉफ कमरे के अंदर छात्रों के बीच नहीं घूमेंगे। वे दूर बैठकर छात्रों की निगरानी करेंगें। पचास फीसदी कर्मी ही क्लासरूम के अंदर होंगे। बाकी अन्य सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के माध्यम से छात्रों पर नजर रखेंगे। यदि कोई छात्र परीक्षा नियंत्रक या डयूटी में तैनात शिक्षक की किसी प्रकार की मदद लेना चाहता होगा तो सामाजिक दूरी के साथ पहले शिक्षक को हैंड सेनेटाइज करना होगा। इसके बाद ही वह छात्र की मदद कर सकेगा।
परीक्षा केंद्र की दीवारों, टेबल-कुर्सी, कंप्यूटर, पंखों को परीक्षा शुरू होने से पहले भी सेनेटाइज किया जाएगा
कॉरिडोर में रूम नंबर बड़े अक्षरों में लिखे होंगे, ताकि छात्र को तलाशने में परेशानी न हो
पहली बार लाउंडस्पीकर का प्रयोग किया जाएगा, ताकि छात्रों को दूर से ही परीक्षा से जुड़ी जानकारियां समझायी जा सकें
परीक्षा केंद्र में ब्लूटूथ, वाई-फाई की जांच होगी। इसके बाद एनटीए जैमर का प्रयोग करेगा
सार
- अंगूठा नहीं लिखावट और हस्ताक्षर से छात्रों का किया जाएगा मिलान
- परीक्षा केंद्र में तैनात सभी कर्मियों और छात्रों को दस्ताने पहनने अनिवार्य होंगे
विस्तार
कोविड-19 के चलते जेईई मेन और नीट परीक्षा में छात्र का मिलान अब लिखावट और हस्ताक्षर से होगा। अभी तक परीक्षा केंद्र में छात्र को अंगूठा लगाना पड़ता था। अलग-अलग ग्रुप में सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए छात्रों को क्लासरूम में लाया जाएगा। परीक्षा केंद्र में तैनात सभी कर्मियों और छात्रों को दस्ताने पहनने अनिवार्य होंगे। क्लासरूम में हैंड सेनेटाइजर भी रखे जाएंगे। छात्रों और परीक्षा केंद्र में तैनात शिक्षकों और कर्मियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया गया है। इसी एसओपी के तहत परीक्षा आयोजित होगी।
एसओपी केतहत परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान, परीक्षा खत्म होने पर तीन भागों में बांटा गया है। संक्रमण से छात्रों को बचाने के लिए परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित रखने के चलते टच फ्री रहेगी। छात्रों को अलग-अलग टाइम स्लॉट केआधार पर परीक्षा केंद्र में आना होगा। इसकी जानकारी उन्हें मिल जाएगी। परीक्षा केंद्र में एनटीए केस्वयंसेवक भी तैनात रहेंगे। वे छात्रों को मदद करेंगे। परीक्षा केंद्र में आने वाले शिक्षकों और कर्मियों की भी शरीर के तापमान की नियमित जांच जरूरी होगी।
परीक्षा केंद्र पहुंचने पर:
छात्र को 11 से 11.30 के बीच अलग-अलग स्लॉट में परीक्षा केंद्र में पहुंचना होगा, ताकि गेट पर भीड़ इकट्ठी न हो। इसके बाद छात्र को रजिस्ट्रेशन रूम में जाना होगा, यहां उसके शरीर का तापमान (99.4 डिग्री होना चाहिए)जांचा जाएगा। यहां एक छात्र के निकलने के बाद दूसरे को अंदर बुलाया जाएगा। इसके अलावा अन्य दस्तावेज की जांच होगी। इसमें उसे अपना एडमिट कार्ड, सरकारी फोटो पहचान पत्र दिखाना पड़ेगा। इस पूरी प्रक्रिया 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। इस दौरान छात्र के किसी भी दस्तावेज को छुआ नहीं जाएगा। इसके बाद दोबारा छात्र का तापमान जांचा जाएगा। यदि कोई गड़बड़ होती है तो उसे आइसोलेशन रूम में भेज दिया जाएगा। वहीं, जांच प्रक्रिया पूरी होने पर परीक्षार्थी को रूम नंबर व सीट बतायी जाएगी।
छात्र इनका रखें ध्यान:
मुंह पर मॉस्क और हाथों में दस्ताने पहनने होंगे
पारदर्शी पीने के पानी की बोतल ला सकेंगे
50 एमएल का निजी हैंड सेनेटाइजर लाने की अनुमति होगी
हालांकि उसकी बोतल पारदर्शी होनी चाहिए
नकल रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर से छात्रों की जांच होगी
किसी भी प्रकार की धातू आदि से बने प्रोडेक्ट को अपने साथ न लाएं
मेटल डिटेक्टर दूर से जांच करेगा, इस दौरान छात्र के सीधे संपर्क में कोई नहीं होगा
परीक्षा से संबंधित दस्स्तावेज एडमिट कार्ड, सरकारी फोटो पहचान पत्र आदि।
शौचायल जाने से पहले उन्हें अनुमति लेनी जरूरी होगी।
कमरे में नहीं घूमेंगे शिक्षक:
सामाजिक दूरी के चलते परीक्षा केंद्र में परीक्षा नियंत्रक स्टॉफ कमरे के अंदर छात्रों के बीच नहीं घूमेंगे। वे दूर बैठकर छात्रों की निगरानी करेंगें। पचास फीसदी कर्मी ही क्लासरूम के अंदर होंगे। बाकी अन्य सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के माध्यम से छात्रों पर नजर रखेंगे। यदि कोई छात्र परीक्षा नियंत्रक या डयूटी में तैनात शिक्षक की किसी प्रकार की मदद लेना चाहता होगा तो सामाजिक दूरी के साथ पहले शिक्षक को हैंड सेनेटाइज करना होगा। इसके बाद ही वह छात्र की मदद कर सकेगा।
परीक्षा केंद्र की दीवारों, टेबल-कुर्सी, कंप्यूटर, पंखों को परीक्षा शुरू होने से पहले भी सेनेटाइज किया जाएगा
कॉरिडोर में रूम नंबर बड़े अक्षरों में लिखे होंगे, ताकि छात्र को तलाशने में परेशानी न हो
पहली बार लाउंडस्पीकर का प्रयोग किया जाएगा, ताकि छात्रों को दूर से ही परीक्षा से जुड़ी जानकारियां समझायी जा सकें
परीक्षा केंद्र में ब्लूटूथ, वाई-फाई की जांच होगी। इसके बाद एनटीए जैमर का प्रयोग करेगा
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