एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
Updated Wed, 15 Jul 2020 11:59 AM IST
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एचआरडी मंत्रालय ने ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने "प्रगति" नामक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय का कहना है कि प्री-प्राइमरी छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की अवधि 30 मिनट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वहीं, पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 45 मिनट की ऑनलाइन कक्षाएं दी जाएंगी। ये कक्षाएं दो सत्रों में दने की सिफारिश की गई है।
वहीं, नौवीं कक्षा से से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 30-45 मिनट की अवधि के चार सत्रों की सिफारिश की गई है। नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा कि महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए, स्कूलों को न केवल अब तक पढ़ाने और सीखने के तरीके को फिर से तैयार करना होगा बल्कि घर पर स्कूली शिक्षा के एक अलग तरह के सिखाने के तरीके से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की एक उपयुक्त विधि भी प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने कहा कि घर पर रहने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कक्षाओं के लिए दिशा-निर्देश बनाए गए हैें।
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इन दिशा-निर्देशों में डिजिटल या ऑनलाइन शिक्षा को लेकर योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना को सुझाया गया है। स्कूलों के प्रमुखों, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों के लिये विभिन्न क्षेत्रों में सुझाव दिए गए हैं जिनमें मूल्यांकन की जरूरत, ऑनलाइन शिक्षा के दौरान अवधि, समावेश, ऑनलाइन संतुलन, ऑफलाइन गतिविधि आदि को लेकर योजना बनाते समय विभिन्न चिंताओं को ध्यान में रखने की बात कही गई है। ये दिशा-निर्देश अभिभावकों की चिंता के बाद जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाएं दी जा रही हैं, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
वहीं, नौवीं कक्षा से से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 30-45 मिनट की अवधि के चार सत्रों की सिफारिश की गई है। नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा कि महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए, स्कूलों को न केवल अब तक पढ़ाने और सीखने के तरीके को फिर से तैयार करना होगा बल्कि घर पर स्कूली शिक्षा के एक अलग तरह के सिखाने के तरीके से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की एक उपयुक्त विधि भी प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने कहा कि घर पर रहने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कक्षाओं के लिए दिशा-निर्देश बनाए गए हैें।
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इन दिशा-निर्देशों में डिजिटल या ऑनलाइन शिक्षा को लेकर योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना को सुझाया गया है। स्कूलों के प्रमुखों, शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों के लिये विभिन्न क्षेत्रों में सुझाव दिए गए हैं जिनमें मूल्यांकन की जरूरत, ऑनलाइन शिक्षा के दौरान अवधि, समावेश, ऑनलाइन संतुलन, ऑफलाइन गतिविधि आदि को लेकर योजना बनाते समय विभिन्न चिंताओं को ध्यान में रखने की बात कही गई है। ये दिशा-निर्देश अभिभावकों की चिंता के बाद जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाएं दी जा रही हैं, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।


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