
सांकेतिक तस्वीर
एडमिट कार्ड की गलती को सुधरवाने के लिए छात्र भोपाल स्थित व्यापमं ऑफिस के भी चक्कर लगा रहे. हालांकि उनसे कहा जा रहा है कि नियमों के अनुसार अब इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता.
मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. भास्कर बच्चाने नाम से स्टूडेंट ने जब प्री एग्रीकल्चर टेस्ट का एडमिट कार्ड देखा तो हैरान रह गया. दरअसल उसके एडमिट कार्ड में उम्मीदवार के नाम के सामने उसकी जगह उसके पिता का नाम लिखा था. भास्कर ने एमपी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड एग्जाम के लिए आवेदन किया था. लेकिन जब व्यापमं के ऑफिशियल वेबसाइट पर उसने अपना अपलोडेड एडमिट कार्ड देखा तो चौंक गया. व्यापमं ने सोमवार को इस परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी किया था.
मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड को आमतौर पर व्यापमं के नाम से जाना जाता है. ये बोर्ड कई प्रोफेशनल कोर्स और स्ट्रीम्स के लिए एडमिशन टेस्ट का आयोजन करता है. एडमिट कार्ड में बाकी सारे डिटेल्स तो स्टूडेंट के थे मगर कैंडिडेट उसके पिता मोहन बच्चाने को बना दिया गया था. भास्कर के पिता ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि एक साल बर्बाद होने के डर से भास्कर डिप्रेशन में चला गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस एग्जाम की तैयारी के लिए बारहवीं के बाद भास्कर ने एक साल ड्रॉप किया था.

भास्कर का एडमिट कार्ड
पढ़ाई छोड़ व्यापमं ऑफिस के चक्कर लगा रहे छात्र
मोहन के पिता ने एडमिट कार्ड की गलती सुधरवाने के लिए भोपाल स्थित व्यापमं ऑफिस के भी चक्कर लगाए. हालांकि वहां उनसे कहा गया कि नियमों के अनुसार अब इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता. इस परीक्षा में ऐसी लापरवाही का केवल यही एक मामला नहीं है. कई और स्टूडेंट्स को भी इसी तरह की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है.
भोपाल के स्टूडेंट शुभम सिंह को भी इसी समस्या से जूझना पड़ रहा है. उसके एडमिट कार्ड में उसकी जगह कैंडिडेट के तौर पर उसके पिता चंदर सिंह का नाम लिखा हुआ है. बता दें ये परीक्षा 21 और 22 अप्रैल को होनी है. दोनों ही स्टूटेंड अपनी पढ़ाई छोड़कर व्यापमं ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं.
क्या स्टूडेंट्स खुद करते हैं लापरवाही
व्यापमं में काम करने वाले एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्री पॉलीटेक्निक एग्जाम के लिए भी चार स्टूडेंट्स इसी तरह की समस्या लेकर ऑफिस आ चुके हैं.
व्यापमं के प्रवक्ता डॉ आलोक वर्मा ने बताया, 'ऑनलाइन फॉर्म को सबमिट करने से पहले हम स्टूडेंट्स को सलाह देते हैं कि वो उसे सही तरह से चेक कर लें. लेकिन वो उस दौरान लापरवाही करते हैं और हमसे इसे सही करने की उम्मीद लगाते हैं जिसकी इजाजत हमें नियम नहीं देते.'
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First published: April 18, 2018, 4:37 PM IST

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