नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
यूनिवर्सिटियों के वाइस चांसलरों और कॉलेजों के प्रिंसिपल को भेजे गए एक पत्र में यूजीसी ने कहा है, 'आपको अपनी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में जैमर्स पर सरकार की नीतियों के प्रावधान को सख्ती से अपनाना होगा।'
यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि क्लासरूम जैमर मॉडल उस स्थान पर लगाया जाएगा जहां 100 मीटर की दूरी के अंदर बेस ट्रांससीवर स्टेशन (बीटीएस) नहीं है। इसने कहा है कि बोर्ड के अधिकारियों द्वारा इसका लैब टेस्ट और फील्ड ट्रायल किया जा चुका है।
आयोग ने कहा, 'हर परीक्षा केंद्र पर लगे जैमरों का परीक्षा शुरू होने से पहले सत्यापन किया जाएगा क्योंकि जैमरों की प्रभावशीलता कई कारणों जैसे पावर आउटपुट, बीटीएस के सिगनल की ताकत, किसी खास समय में बीटीएस पर ट्रैफिक लोड, बीटीएस से जैमर की दूरी, रीसिवर की संवेदनशीलता, इलाका आदि पर निर्भर करती है।'

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