सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
ख़बर सुनें
यह नंबर है क्या और कितने काम का है? यह किस तरह आपकी मदद कर सकता है? इसे याद रखना हर शख्स के लिए क्यों जरूरी है? इसके जरिए आपको कौन-कौन सी सेवाएं मिल सकती हैं? इन सभी सवालों के जवाब आगे पढ़ें।
क्या है 112
गौरतलब है कि देश में पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं से लेकर महिला व चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर तक अलग-अलग हैं। ये सारे नंबर हर किसी के लिए हर वक्त याद रखना मुश्किल है। इसका उपाय 112 है। आप इस एक नंबर से ये सभी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। इसे नेशनल इमरजेंसी नंबर भी कहा जा सकता है।
कैसे काम करता है 112, आप कैसे करें इस्तेमाल
इसके लिए '112 India' एप भी लॉन्च किया गया है। इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर आप रजिस्टर कर सकते हैं। इसके जरिए भी आप किसी तरह की आपातकालीन परिस्थिति में मदद ले सकते हैं।
2012 के निर्भया मामले से जुड़ा है नंबर-112
इस संबंध में गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि 'ईआरएसएस दिसंबर 2012 में हुई निर्भया की दुखद घटना के संदर्भ में जस्टिस वर्मा कमेटी की कई सिफारिशों में से एक है। इसके तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्स सिस्टम (ERSS) के राष्ट्रीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए 321.69 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया जा चुका है, ताकि देश भर में एक इमरजेंसी नंबर 112 को हर तरह के आपातकाल के लिए लागू किया जा सके।'
कहां-कहां लागू है 112
ईआरएसएस लागू करने वाला पहला राज्य हिमाचल प्रदेश है। यहां नवंबर 2018 में इसकी शुरुआत की गई थी। इसके अलावा नागालैंड, पुड्डुचेरी, दमन व दीव, अंडमान निकोबार, दादर नगर हवेली और दिल्ली में भी 112 को लॉन्च किया जा चुका है। आगे देश के कई अन्य राज्यों में यह नंबर शुरू कर दिया जाएगा।
यह नंबर है क्या और कितने काम का है? यह किस तरह आपकी मदद कर सकता है? इसे याद रखना हर शख्स के लिए क्यों जरूरी है? इसके जरिए आपको कौन-कौन सी सेवाएं मिल सकती हैं? इन सभी सवालों के जवाब आगे पढ़ें।
क्या है 112
गौरतलब है कि देश में पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं से लेकर महिला व चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर तक अलग-अलग हैं। ये सारे नंबर हर किसी के लिए हर वक्त याद रखना मुश्किल है। इसका उपाय 112 है। आप इस एक नंबर से ये सभी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। इसे नेशनल इमरजेंसी नंबर भी कहा जा सकता है।
कैसे काम करता है 112, आप कैसे करें इस्तेमाल
इसके लिए '112 India' एप भी लॉन्च किया गया है। इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर आप रजिस्टर कर सकते हैं। इसके जरिए भी आप किसी तरह की आपातकालीन परिस्थिति में मदद ले सकते हैं।
2012 के निर्भया मामले से जुड़ा है नंबर-112
इस संबंध में गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि 'ईआरएसएस दिसंबर 2012 में हुई निर्भया की दुखद घटना के संदर्भ में जस्टिस वर्मा कमेटी की कई सिफारिशों में से एक है। इसके तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्स सिस्टम (ERSS) के राष्ट्रीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए 321.69 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया जा चुका है, ताकि देश भर में एक इमरजेंसी नंबर 112 को हर तरह के आपातकाल के लिए लागू किया जा सके।'
कहां-कहां लागू है 112
ईआरएसएस लागू करने वाला पहला राज्य हिमाचल प्रदेश है। यहां नवंबर 2018 में इसकी शुरुआत की गई थी। इसके अलावा नागालैंड, पुड्डुचेरी, दमन व दीव, अंडमान निकोबार, दादर नगर हवेली और दिल्ली में भी 112 को लॉन्च किया जा चुका है। आगे देश के कई अन्य राज्यों में यह नंबर शुरू कर दिया जाएगा।

0 Comments