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एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 28 Oct 2019 11:11 AM IST




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भारतीय छात्रों को अब विदेश में नौकरी पाने या उच्च शिक्षा के लिए विदेशी संस्थानों में दाखिला लेने में परेशानी नहीं होगी। छात्रों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भारतीय विश्वविद्यालयों को एक निर्देश जारी किया है। विदेश में नौकरी करने या उच्च शिक्षा के लिए जाने के इच्छुक छात्रों को अब अपनी डिग्री के सत्यापन के चलते परेशान नहीं होना होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि डिग्री की वेरिफिकेशन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से कंप्यूटर पर अंग्रेजी भाषा में बनाकर छात्रों को उपलब्ध कराई जाए। 

यह कदम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की तरफ से आपत्ति जताने के बाद विदेश मंत्रालय के निर्देश पर उठाया गया है। यूजीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस आदेश के बाद भी कंप्यूटराइज्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट देने से आनाकानी करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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दरअसल यूएई ने विदेश मंत्रालय को भेजी आपत्ति में कहा था कि उनके यहां नौकरी के लिए आने वाले भारतीय छात्रों की डिग्री की सत्यता जांचना बेहद मुश्किल होता है। क्योंकि भारतीय विश्वविद्यालय वेरिफिकेशन रिपोर्ट जल्दी नहीं बनाते हैं। अधिकतर संस्थान अगर रिपोर्ट बनाते भी हैं तो उसे हाथ से लिखते हैं, जिसकी भाषा पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है।

आयोग के मुताबिक, यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को पहले भी वेरिफिकेशन रिपोर्ट बनाने के दौरान सभी सर्टिफिकेट, मार्कशीट समेत नाम, जन्मतिथि आदि की सही तरीके से जांच करने का निर्देश दिया था। विश्वविद्यालयों के लिए वेरिफिकेशन रिपोर्ट का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य है। नए आदेश में वेरिफिकेशन रिपोर्ट की प्रतिलिपि विदेश मंत्रालय और यूजीसी को भी भेजने के लिए कहा गया है।

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भारतीय छात्रों को अब विदेश में नौकरी पाने या उच्च शिक्षा के लिए विदेशी संस्थानों में दाखिला लेने में परेशानी नहीं होगी। छात्रों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भारतीय विश्वविद्यालयों को एक निर्देश जारी किया है। विदेश में नौकरी करने या उच्च शिक्षा के लिए जाने के इच्छुक छात्रों को अब अपनी डिग्री के सत्यापन के चलते परेशान नहीं होना होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि डिग्री की वेरिफिकेशन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से कंप्यूटर पर अंग्रेजी भाषा में बनाकर छात्रों को उपलब्ध कराई जाए। 


यह कदम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की तरफ से आपत्ति जताने के बाद विदेश मंत्रालय के निर्देश पर उठाया गया है। यूजीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस आदेश के बाद भी कंप्यूटराइज्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट देने से आनाकानी करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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दरअसल यूएई ने विदेश मंत्रालय को भेजी आपत्ति में कहा था कि उनके यहां नौकरी के लिए आने वाले भारतीय छात्रों की डिग्री की सत्यता जांचना बेहद मुश्किल होता है। क्योंकि भारतीय विश्वविद्यालय वेरिफिकेशन रिपोर्ट जल्दी नहीं बनाते हैं। अधिकतर संस्थान अगर रिपोर्ट बनाते भी हैं तो उसे हाथ से लिखते हैं, जिसकी भाषा पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है।

आयोग के मुताबिक, यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को पहले भी वेरिफिकेशन रिपोर्ट बनाने के दौरान सभी सर्टिफिकेट, मार्कशीट समेत नाम, जन्मतिथि आदि की सही तरीके से जांच करने का निर्देश दिया था। विश्वविद्यालयों के लिए वेरिफिकेशन रिपोर्ट का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य है। नए आदेश में वेरिफिकेशन रिपोर्ट की प्रतिलिपि विदेश मंत्रालय और यूजीसी को भी भेजने के लिए कहा गया है।

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