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हार्ट ट्रांसप्लांट
दिल को छोड़कर वैसे फाए की हालत अच्छी थी। हार्ट ट्रांसप्लांट से हालत बेहतर हो सकती थी। लेकिन यह मुश्किल काम था। वैसे तो एक इंसान का दिल दूसरे इंसान में ट्रांसप्लांट होना 1967 में ही शुरू हो गया था लेकिन मुश्किल यह थी कि नवजात को दिल दान कौन करता। ऐसे में बेले के दिमाग में विचार आया कि क्यों न किसी अन्य प्रजाति का हार्ट ट्रांसप्लांट करके देखा जाए। उन्होंने सात साल कैलिफॉर्निया के लोमा लिंडा यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में इसी चीज पर रिसर्च किया था। बेले ने अपने रिसर्च के दौरान भेड़, बकरी और लंगूरों के बीच हार्ट ट्रांसप्लांट किया था। पहली बार 1964 में किसी इंसान को जानवर का दिल लगाया गया था। लेकिन वह सर्जरी सफल नहीं हुई और कुछ घंटे बाद ही मरीज की मौत हो गई। खैर बेले को बेबी फाए पर रिसर्च करने की अनुमति मिल गई।26 अक्टूबर, 1984 को बेबी फाए की तबीयत बिगड़ने लगी थी। मेडिकल टीम ने एक लंगूर का चयन किया और फाए को उसका हार्ट लगाना शुरू किया। फाए का नया दिल धड़कने लगा। इसके बाद बेबी फाए मीडिया की सुर्खियों में आ गई। सैकड़ों लोगों ने बच्ची की सेहत के लिए दुआएं कीं और उसको कार्ड्स, फूल और पैसे भेजे।
शुरू में तो ट्रांसप्लांट सफल दिख रहा था लेकिन बाद में बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। ट्रांसप्लांट के 14 दीनों बाद 16 नवंबर, 1984 को बच्ची की मौत हो गई।

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