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2/8पाकिस्तान में हुआ जन्म, पढ़ने में थे तेज

राम जेठमलानी का जन्म पाकिस्तान के शिकारपुर (तब भारत का हिस्सा) में 14 सितंबर 1923 को हुआ था। वह पढ़ने में बेहद मेधावी रहे थे और उन्होंने दूसरी, तीसरी और चौथी क्लास की पढ़ाई एक साल में ही पूरी कर ली थी। दिलचस्प यह है कि उन्होंने सिर्फ 13 साल की उम्र में मैट्रिक पास कर लिया था।
3/8इस वजह से हुआ वकालत की ओर झुकाव

जेठमलानी के पिता बोलचंद गुरमुख दास जेठमलानी और दादा भी वकील थे। शायद यही वजह थी कि उनका झुकाव भी वकालत के पेशे की ओर हुआ। पाकिस्तान बनने के बाद वहां हालात खराब हो रहे थे और राम जेठमलानी अपने एक दोस्त की सलाह पर मुंबई आ गए।
4/817 साल में वकालत की डिग्री

राम जेठमलानी को महज 17 साल की उम्र में वकालत की डिग्री मिल गई थी। वह अपने पहले केस से ही चर्चा में आ गए थे जो 1959 में केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र सरकार का था।
5/8स्मगलर्स के लड़े केस

जेठमलानी ने मुंबई और दिल्ली के कोर्ट में कई स्मगलर्स के केस की भी पैरवी की। अपनी दलीलों के दम पर वह ज्यादातर केस में जीतते रहे। 70 और 80 के दशक में वह काफी मशहूर हुए।
6/8भारत के सबसे महंगे वकील

कहा जाता है कि राम जेठमलानी बेहद जिद्दी स्वभाव के थे। वह किसी भी केस पर काफी मेहनत करते थे। वह आजाद भारत के सबसे महंगे वकीलों में से एक थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी फीस एक करोड़ रुपए तक हो गई थी।
7/8इंदिरा गांधी के हत्यारों का लड़ा केस

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पूरे देश में कोई भी वकील आरोपियों सतवंत सिंह और केहर सिंह के लिए पैरवी करने को तैयार नहीं था। उस वक्त राम जेठमलानी ने ही इस केस को अपने हाथ में लिया था।
8/8इन केसों को भी लड़ा

मुंबई के डॉन हाजी मस्तान के कई मुकदमों की राम जेठमलानी ने पैरवी की थी। इसके अलावा वह उपहार सिनेमा अग्निकांड में आरोपी मालिकों अंसल बंधुओं की तरफ से और 2G घोटाले में डीएमके नेता कणिमोझी की तरफ से पेश हुए थे। यही नहीं, चर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में अमित शाह की तरफ से अदालत में हाजिर होने वाले जेठमलानी ही थे। चारा घोटाले से जुड़े मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का केस भी जेठमलानी ने ही लड़ा। सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के लिए राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर चुके हैं।


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