
टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 09 मार्च 2021 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से काशी हिंदू विश्वविद्यालय और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि अयोध्या में निजी क्षेत्र में श्रीराम यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी, जिसमें विभिन्न रामायणों पर शोध होगा. कर्मकांड का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अयोध्या महोत्सव न्यास की ओर से यदि प्रस्ताव मिला तो इसे भी दीपोत्सव की तरह ही प्रांतीयकृत किया जाएगा.
बता दें कि इससे पहले देश-प्रदेश में ऐसे विश्वविद्यालय हैं, जहां धर्म, कर्मकांड और धर्म शास्त्रों की पढ़ाई होती है. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में संस्कृत विभाग में एक ऐसा ही प्रकोष्ठ है, जहां कर्मकांड का अध्ययन कराया जाता है.
उत्तरी फ्रांस के नॉरमैंडी के कैलावाडोस में सेंटर-राइट रिपब्लिकन पार्टी के एक विधिवेता डसॉल्ट की हत्या कर दी गई. उन्हें आखिरी बार 05 मार्च को पेरिस के पास ब्यूवैस में इंटीरियर मंत्री जेरार्ड डारमेनिन और फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स के साथ सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया था.
डसॉल्ट एविएशन समूह पिछले 70 वर्षों से फ्रांस का एक प्रमुख विमान निर्माता है जिसने मिराज युद्धक विमान, फाल्कन प्राइवेट जेट और अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान का निर्माण भी किया है. फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, ओलिवियर डसॉल्ट वर्ष, 2020 में 361 वें सबसे धनी व्यक्ति थे.
मैत्री सेतु के बनने के बाद अब त्रिपुरा से बांग्लादेश जाने में आसानी होगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब त्रिपुरा का विकास ओर जोर पकड़ेगा. उन्होंने कहा कि तीन साल पहले दशकों से राज्य के विकास को रोकने वाली नकारात्मक शक्तियों को हटाकर त्रिपुरा के लोगों ने एक नई शुरुआत की थी.
मैत्री सेतु भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है. त्रिपुरा राज्य और बांग्लादेश में भारतीय सीमा के बीच बहने वाली फेनी नदी पर पुल 'मैत्री सेतु' बनाया गया है. बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड द्वारा 133 करोड़ रुपये की परियोजना लागत पर इसे पूरा किया गया.
स्विट्जरलैंड के नागरिकों ने सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया है. स्विट्जरलैंड में 07 मार्च 2021 को जनमत संग्रह कराया गया. इसमें 51.2 प्रतिशत मतदाताओं ने चेहरा ढकने पर बैन लगाने के प्रस्ताव का समर्थन किया. हालांकि, ये प्रस्ताव बहुत ही मामूली अंतर से पास हुआ.
स्विट्जरलैंड में रहने वाले मुस्लिमों का मानना है कि बुर्का बैन पूरी तरह गलत है और इससे दुनिया में यह संदेश जाएगा कि स्विट्जरलैंड इस्लाम विरोधी देश है. उनका यह भी कहना है कि सरकार प्रतिबंध लगाकर सरकार उनके अधिकारों को सीमित करना चाहती है.

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