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दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में नवीन सत्र के स्नातक डिग्री पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के बीए, बीएससी, बीकॉम और अन्य अंडरग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिले के लिए इस सत्र से केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) चयन का आधार हो सकती हैं।
दाखिले हेतु चयन प्रक्रिया में बोर्ड परीक्षा के अंकों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। सीयूसीईटी और बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर बनी मेरिट लिस्ट के अनुसार ही छात्रों का दाखिले हेतु अंतिम रूप से चयन किया जा सकेगा। हालांकि, सीयूसीईटी और बोर्ड परीक्षा के अंकों में से किसको कितना वेटेज दिया जाएगा, इस पर स्थिति हाल-फिलहाल स्पष्ट नहीं की गई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से मिली खबरों के अनुसार शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सीयूसीईटी की घोषणा की गई थी। देश की सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले हेतु हाई-क्वालिटी एप्टीट्यूड टेस्ट को लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार करने का जिम्मा एक समिति को सौंपा गया है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सीयूसीईटी और बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों को 50-50 प्रतिशत का वेटेज दिया जा सकता है।
डीयू ऑफिशियल से प्राप्त जानकारी अनुसार सीयूसीईटी के द्वारा छात्रों की अवधारणात्मक समझ को जांचा परखा जा सकेगा। छात्र परीक्षा के लिए अपनी पसंद के विषयों का चुनाव कर पाएंगे। हर विश्वविद्यालय प्रत्येक छात्र के उस विषयों के पोर्टफोलियो को एक्सेस कर पाएगा। विश्वविद्यालय, छात्राें की रुचि और योग्यता को ध्यान में रख कोर्सेस में दाखिला देगा।
मालूम हो कि प्रत्येक वर्ष दिल्ली यूनिवर्सिटी में कई अंडरग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिले के लिए बारहवीं में प्राप्त अंकों के आधार पर निर्धारित कट-ऑफ के अनुसार शॉर्टलिस्ट किया जाता है। गत सत्र वर्ष की बात करें तो, दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन में तीन कोर्सेस के लिए कट-ऑफ सौ फीसदी रखा गया था जबकि कुछ अन्य कॉलेजों में तीस से भी ज्यादा कोर्सेस के लिए कट-ऑफ 99% था।
दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में नवीन सत्र के स्नातक डिग्री पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के बीए, बीएससी, बीकॉम और अन्य अंडरग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिले के लिए इस सत्र से केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) चयन का आधार हो सकती हैं।
दाखिले हेतु चयन प्रक्रिया में बोर्ड परीक्षा के अंकों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। सीयूसीईटी और बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर बनी मेरिट लिस्ट के अनुसार ही छात्रों का दाखिले हेतु अंतिम रूप से चयन किया जा सकेगा। हालांकि, सीयूसीईटी और बोर्ड परीक्षा के अंकों में से किसको कितना वेटेज दिया जाएगा, इस पर स्थिति हाल-फिलहाल स्पष्ट नहीं की गई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से मिली खबरों के अनुसार शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सीयूसीईटी की घोषणा की गई थी। देश की सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले हेतु हाई-क्वालिटी एप्टीट्यूड टेस्ट को लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार करने का जिम्मा एक समिति को सौंपा गया है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सीयूसीईटी और बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों को 50-50 प्रतिशत का वेटेज दिया जा सकता है।
डीयू ऑफिशियल से प्राप्त जानकारी अनुसार सीयूसीईटी के द्वारा छात्रों की अवधारणात्मक समझ को जांचा परखा जा सकेगा। छात्र परीक्षा के लिए अपनी पसंद के विषयों का चुनाव कर पाएंगे। हर विश्वविद्यालय प्रत्येक छात्र के उस विषयों के पोर्टफोलियो को एक्सेस कर पाएगा। विश्वविद्यालय, छात्राें की रुचि और योग्यता को ध्यान में रख कोर्सेस में दाखिला देगा।
मालूम हो कि प्रत्येक वर्ष दिल्ली यूनिवर्सिटी में कई अंडरग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिले के लिए बारहवीं में प्राप्त अंकों के आधार पर निर्धारित कट-ऑफ के अनुसार शॉर्टलिस्ट किया जाता है। गत सत्र वर्ष की बात करें तो, दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन में तीन कोर्सेस के लिए कट-ऑफ सौ फीसदी रखा गया था जबकि कुछ अन्य कॉलेजों में तीस से भी ज्यादा कोर्सेस के लिए कट-ऑफ 99% था।
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