
चीफ़ जस्टिस एपी शाही की खंडपीठ ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था जिसे मंगलवार को सुनाया गया
(पटना हाईकोर्ट की फाइल फोटो)
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1717 पद रिक्त पदों पर बहाली के लिए बीपीएससी ने आवेदन आमंत्रित किया था.
बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली का रास्ता साफ हो गया है. पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना रूख ससाफ करते हुए दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. चीफ़ जस्टिस एपी शाही की खंडपीठ ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया.
इन याचिकाओं में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के पद के लिए उम्र सीमा को चुनौती दी गयी थी. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस मामले में कोई राहत नहीं दी जा सकती है. इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के 1717 पद रिक्त पदों पर बहाली के लिए बीपीएससी ने आवेदन आमंत्रित किया था, साथ ही टेस्ट लेकर परीक्षा का रिजल्ट तैयार कर लिया गया था.
इस मामले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने रिजल्ट के प्रकाशन पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट के आज के निर्णय के बाद बीपीएससी असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के बहाली के लिए परीक्षा का परिणाम निकाल सकेगा. उसके बाद इन पदों पर बहाली हो सकेगी.
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