एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 26 Dec 2020 03:41 PM IST
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सरकार शैक्षणिक सत्र 2021-22 से सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट लागू करने के लिए तैयार है। इसके लिए सात सदस्यीय समिति गठित की गई है। जो कि ‘उच्च गुणवत्ता वाले योग्यता परीक्षण’ के तौर-तरीकों की सिफारिश करेगी। यह कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए कॉमन होगा। इस टेस्ट के सत्र 2021-22 से स्नातक कोर्सों में दाखिले के लिए प्रभावी होने की उम्मीद है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए 2021-22 सत्र से लागू होने जा रहा है। उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने यह जानकारी दी है। यह कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ( एनटीए) द्वारा आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। जिसमें सामान्य योग्यता परीक्षा के साथ-साथ विषय विशिष्ट सवाल भी पूछे जाएंगे। यह एप्टीट्यूड टेस्ट छात्रों के मूल अभिरुचि का परीक्षण करेगा जिसमें मौखिक, मात्रात्मक के साथ-साथ तार्किक तर्क भी शामिल और अनिवार्य होंगे। छात्रों के पास उनकी पसंद के आधार पर 'विषय' टेस्ट चुनने का भी विकल्प होगा।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए 2021-22 सत्र से लागू होने जा रहा है। उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने यह जानकारी दी है। यह कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ( एनटीए) द्वारा आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। जिसमें सामान्य योग्यता परीक्षा के साथ-साथ विषय विशिष्ट सवाल भी पूछे जाएंगे। यह एप्टीट्यूड टेस्ट छात्रों के मूल अभिरुचि का परीक्षण करेगा जिसमें मौखिक, मात्रात्मक के साथ-साथ तार्किक तर्क भी शामिल और अनिवार्य होंगे। छात्रों के पास उनकी पसंद के आधार पर 'विषय' टेस्ट चुनने का भी विकल्प होगा।
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प्रारंभिक सिफारिशों के बीच कॉमन टेस्ट साल में दो बार आयोजित करने का प्रस्ताव है। हालांकि, सत्र 2021-22 के लिए परीक्षा एक बार आयोजित करने का प्रस्ताव है। कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट से 12वीं कक्षा के नंबरों की निर्भरता कम होगी और सभी छात्र को एक समान अवसर मिलेगा।


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