न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 03 Sep 2020 01:51 AM IST
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सार
- देश का पहला पीएचडी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बैच 2021 से
- एमटेक प्रोग्राम की पढ़ाई भी जल्द, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्मार्ट सिटी आदि क्षेत्रों के काम में एआई का प्रयोग
विस्तार
जल्द ही एआई एमटेक प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा। एआई स्कूल में बहुविषयक विभाग मिलकर काम करेंगे। इसकेअलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, स्मार्ट सिटी आदि क्षेत्रों में भी प्रयोग होगा।
आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. वी रामगोपाल राव ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देश के तहत स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तैयार हो गया। अगले सत्र से पीएचडी और मॉस्टर डिग्री प्रोग्राम भी जल्द शुरू होगा।
इस स्कूल में एआई की पढ़ाई ही नहीं, शोधकार्यों पर भी काम होगा। एआई तकनीक से देश के विकास और दिक्कतों के समाधान में मदद मिलेगी। आने वाले समय में नौकरी में भी एआई आधारित पढ़ाई वाले छात्रों की सबसे अधिक मांग होगी। पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री को भी इसमें शामिल किया जाएगा, ताकि उनकी जरूरतों के आधार पर एआई आधारित तकनीक तैयार हो सके।
इंजीनियरिंग और एआई विशेषज्ञ मिलकर करेंगे काम
स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के संस्थापक प्रमुख प्रो. मौसम के मुताबिक, यहां विभिन्न इंजीनियरिंग विभाग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के विशेषज्ञ एक साथ मिलकर काम करेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिहवन, स्मार्ट सिटी समेत अन्य क्षेत्रों की दिक्कतों के समाधान निकाला जाएगा।
अगले दस साल में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े दस कोर फैकल्टी मैंबर को भी नियुक्त किया जाएगा। यह शोधकार्यों पर विशेष रूप से योगदान देंगे।


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