75 Per Cent Of Students Of Bengal Couldn't Appear For Jee : Mamata Banerjee - जेईई...



एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
Updated Thu, 03 Sep 2020 12:14 PM IST



पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI




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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जेईई मेन परीक्षा में सूबे के 75 फीसदी छात्र भाग नहीं ले पाए। उन्होंने इसे लेकर केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि छात्रों के परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने के पीछे केंद्र का अहंकार है। गौरतलब है कि जेईई मेन की परीक्षा एक सितंबर से शुरू हुई है और छह सितंबर तक चलेगी।

ममता बनर्जी ने कहा कि मंगलवार को जेईई परीक्षा में सिर्फ 25 फीसदी छात्र ही शामिल हो सकें। उन्होंने कहा, छात्र मुश्किल में हैं और परीक्षा में शामिल नहीं हो सकें। इसलिए हमने केंद्र से आग्रह किया था कि सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाए या मामले की फिर से समीक्षा हो ताकि छात्र इससे वंचित नहीं रहें। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सिर्फ 1,167 बच्चों ने परीक्षा दी जबकि कुल 4,652 अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होना था।

इसे भी पढ़ें-Bihar STET Admit Card: परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी, ये रहा डायरेक्ट लिंक 

उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा को कुछ और दिनों के लिए टाल दिया जाता तो क्या गलत हो जाता? इतना अंहकार क्यों है? केंद्र सरकार इतनी जिद्दी क्यों हैं? आपको छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने का अधिकार किसने दिया। गौरतलब है कि जेईई मेन और नीट परीक्षा का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था, लेकिन कोर्ट ने इन परीक्षाओं को कराने की अनुमति दी थी। जबकि, ममता बनर्जी सहित कई अन्य राज्यों के नेता केंद्र सरकार से इन परीक्षाओं को टालने का आग्रह कर रहे थे। इसे लेकर काफी विरोध भी हुआ था और पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी गई थी।



पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जेईई मेन परीक्षा में सूबे के 75 फीसदी छात्र भाग नहीं ले पाए। उन्होंने इसे लेकर केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि छात्रों के परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने के पीछे केंद्र का अहंकार है। गौरतलब है कि जेईई मेन की परीक्षा एक सितंबर से शुरू हुई है और छह सितंबर तक चलेगी।




ममता बनर्जी ने कहा कि मंगलवार को जेईई परीक्षा में सिर्फ 25 फीसदी छात्र ही शामिल हो सकें। उन्होंने कहा, छात्र मुश्किल में हैं और परीक्षा में शामिल नहीं हो सकें। इसलिए हमने केंद्र से आग्रह किया था कि सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाए या मामले की फिर से समीक्षा हो ताकि छात्र इससे वंचित नहीं रहें। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सिर्फ 1,167 बच्चों ने परीक्षा दी जबकि कुल 4,652 अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होना था।

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उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा को कुछ और दिनों के लिए टाल दिया जाता तो क्या गलत हो जाता? इतना अंहकार क्यों है? केंद्र सरकार इतनी जिद्दी क्यों हैं? आपको छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने का अधिकार किसने दिया। गौरतलब है कि जेईई मेन और नीट परीक्षा का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था, लेकिन कोर्ट ने इन परीक्षाओं को कराने की अनुमति दी थी। जबकि, ममता बनर्जी सहित कई अन्य राज्यों के नेता केंद्र सरकार से इन परीक्षाओं को टालने का आग्रह कर रहे थे। इसे लेकर काफी विरोध भी हुआ था और पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी गई थी।




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