Ugc Wrote A Letter Said To Help District Hospitals And Government Laboratories - यूजीसी ने...



अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Tue, 25 Aug 2020 04:49 AM IST





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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के सभी उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों को निकटवर्ती जिला अस्पतालों और सरकारी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की जांच के लिए आरटी-पीसीआर मशीनें उपलब्ध करवाने को कहा है। यूजीसी ने सभी संस्थानों के कुलपतियों को इस संबंध में पत्र लिखकर 31 अगस्त तक अस्थाई तौर मशीनें लगाने का निर्देश दिया है। इन अस्थाई मशीनों के लगने से प्रतिदिन 60 हजार कोविड-19 की अतिरिक्त जांच हो सकेंगी।

यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी उच्च शिक्षण संस्थानों व अनुसंधानों संस्थानों को यह पत्र लिखा गया है। प्रो. जैन के मुताबिक, कोविड-19 जांच की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह जरूरी है कि और आरटी-पीसीआर मशीनें लगाकर जांच केंद्रों को मजबूत किया जाए।

शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के विभिन्न विभागों में इस तरह की मशीनें बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। इन मशीनों से आरटी-पीसीआर जांच हो सकती है।
उच्च शिक्षण संस्थान बंद होने के चलते फिलहाल इन मशीन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। ऐसे में यदि इन मशीनों का प्रयोग आरटी-पीसीआर जांच में होता है स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलेगी। सभी उच्च शिक्षा संस्थानों और अनुसंधान संस्थानों को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के साथ विचार-विमर्श करने को कहा गया है।



विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के सभी उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों को निकटवर्ती जिला अस्पतालों और सरकारी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की जांच के लिए आरटी-पीसीआर मशीनें उपलब्ध करवाने को कहा है। यूजीसी ने सभी संस्थानों के कुलपतियों को इस संबंध में पत्र लिखकर 31 अगस्त तक अस्थाई तौर मशीनें लगाने का निर्देश दिया है। इन अस्थाई मशीनों के लगने से प्रतिदिन 60 हजार कोविड-19 की अतिरिक्त जांच हो सकेंगी।




यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी उच्च शिक्षण संस्थानों व अनुसंधानों संस्थानों को यह पत्र लिखा गया है। प्रो. जैन के मुताबिक, कोविड-19 जांच की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह जरूरी है कि और आरटी-पीसीआर मशीनें लगाकर जांच केंद्रों को मजबूत किया जाए।


शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के विभिन्न विभागों में इस तरह की मशीनें बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। इन मशीनों से आरटी-पीसीआर जांच हो सकती है।



उच्च शिक्षण संस्थान बंद होने के चलते फिलहाल इन मशीन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। ऐसे में यदि इन मशीनों का प्रयोग आरटी-पीसीआर जांच में होता है स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलेगी। सभी उच्च शिक्षा संस्थानों और अनुसंधान संस्थानों को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के साथ विचार-विमर्श करने को कहा गया है।




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