Education Minister Ramesh Pokhriyal Issued  learning Enhancement Guidelines For School Children -...



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 20 Aug 2020 02:12 PM IST





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19 अगस्त, 2020 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विद्यार्थियों के लिए शिक्षा संवर्धन दिशा-निर्देश जारी किए। इन दिशा-निर्देशों में पंचायती राज की मदद से एक सामुदायिक केंद्र में हेल्पलाइन स्थापित करने जैसे उपाय हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा तैयार दिशा-निर्देश केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' द्वारा जारी किए गए थे।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन दिशा- निर्देशों में कम्युनिटी के सदस्यों और पंचायती राज के सदस्यों की मदद से सामुदायिक केंद्रों में हेल्पलाइन सेवा स्थापित की बात कही गई है। इससे छात्रों के अभिभावकों को भी इस प्रणाली की जानकारी देने की सलाह दी गई है, जिससे वे अपने बच्चों को सीखने में मदद कर सकें।

उन्होंने आगे कहा कि ये दिशा-निर्देश उन बच्चों की मदद करेंगे, जिनके पास अपने शिक्षकों या स्वयंसेवकों के साथ अपने घरों में सीखने के अवसर प्राप्त करने के लिए डिजिटल संसाधन नहीं हैं। इसके अलावा, यह उन सभी छात्रों की सीखने की खामियों को दूर करने के हमारे प्रयासों में भी मदद करेगा, जो रेडियो, टेलीविजन या स्मार्टफोन का उपयोग करके विभिन्न वैकल्पिक तरीकों के माध्यम से घर पर सीख रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि दिशा-निर्देश और मॉडल तीन प्रकार की स्थितियों के लिए सुझाए गए हैं।

सबसे पहले, जिसमें छात्रों के पास कोई डिजिटल संसाधन नहीं है। दूसरे, जिसमें छात्रों के पास सीमित डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं। अंत में, जिसमें छात्रों के पास ऑनलाइन शिक्षा के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं।



19 अगस्त, 2020 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विद्यार्थियों के लिए शिक्षा संवर्धन दिशा-निर्देश जारी किए। इन दिशा-निर्देशों में पंचायती राज की मदद से एक सामुदायिक केंद्र में हेल्पलाइन स्थापित करने जैसे उपाय हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा तैयार दिशा-निर्देश केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' द्वारा जारी किए गए थे।




शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन दिशा- निर्देशों में कम्युनिटी के सदस्यों और पंचायती राज के सदस्यों की मदद से सामुदायिक केंद्रों में हेल्पलाइन सेवा स्थापित की बात कही गई है। इससे छात्रों के अभिभावकों को भी इस प्रणाली की जानकारी देने की सलाह दी गई है, जिससे वे अपने बच्चों को सीखने में मदद कर सकें।


उन्होंने आगे कहा कि ये दिशा-निर्देश उन बच्चों की मदद करेंगे, जिनके पास अपने शिक्षकों या स्वयंसेवकों के साथ अपने घरों में सीखने के अवसर प्राप्त करने के लिए डिजिटल संसाधन नहीं हैं। इसके अलावा, यह उन सभी छात्रों की सीखने की खामियों को दूर करने के हमारे प्रयासों में भी मदद करेगा, जो रेडियो, टेलीविजन या स्मार्टफोन का उपयोग करके विभिन्न वैकल्पिक तरीकों के माध्यम से घर पर सीख रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि दिशा-निर्देश और मॉडल तीन प्रकार की स्थितियों के लिए सुझाए गए हैं।



सबसे पहले, जिसमें छात्रों के पास कोई डिजिटल संसाधन नहीं है। दूसरे, जिसमें छात्रों के पास सीमित डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं। अंत में, जिसमें छात्रों के पास ऑनलाइन शिक्षा के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं।




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