Hbse 10th Result 2020 With The Help Of Self Study And Ncert Books, Rishita Got The First Place In The State...



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 12 Jul 2020 08:25 PM IST





पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।


*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200






ख़बर सुनें





HBSE 10th Result 2020: हरियाणा बोर्ड की 10वीं कक्षा की इस साल की टॉपर ऋषिता रहीं। उन्होंने अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संगीत में 100 और हिंदी में 97 अंक हासिल किए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऋषिता ने बताया कि उन्होंने यह सफलता खुद से पढ़ कर प्राप्त की है।

उन्होंने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की किताबों से पढ़ाई की है। उन्होंने नियमित रूप से 5 से 6 घंटे पढ़ाई की और स्कूल के नोट्स का अच्छी तरह से पालन किया। उनके अनुसार उन्होंने व्याकरण के कुछ हिस्सों में गलतियों के कारण हिंदी में 97 अंक आए।

हिसार के नारनौंद की रहने वाली ऋषिता ने कहा कि उन्होंने कभी कोई प्रइवेट कोचिंग नहीं की है न ही उन्होंने इसके लिए किसी ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म की मदद ली। ऋषिता डॉक्टर बनना चाहती हैं, जिससे वे समाज और जरूरतमंद लोगो की सेवा कर सकें।

तैयारी के बारे में उन्होंने कहा कि की, "मैं मेडिकल प्रवेश परीक्षा- NEET की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाओं में रजिस्ट्रेशन करूंगी, हालांकि मेरी पहली प्राथमिकता कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं है। "ऋषिता के पिता नरेश कुमार हरियाणा सरकार में सहकारिता विभाग में जूनियर ऑडिटर हैं, और उनकी मां उसी स्कूल में एक प्राइमरी टीचर हैं जहां से उन्होंने पढ़ाई की है।

ये भी पढ़ें :  62 प्रतिशत घरों के बच्चों की शिक्षा कोरोना की वजह से बाधित  

शिक्षा की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें। 
सरकारी नौकरियों की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें। 



HBSE 10th Result 2020: हरियाणा बोर्ड की 10वीं कक्षा की इस साल की टॉपर ऋषिता रहीं। उन्होंने अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संगीत में 100 और हिंदी में 97 अंक हासिल किए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऋषिता ने बताया कि उन्होंने यह सफलता खुद से पढ़ कर प्राप्त की है।




उन्होंने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की किताबों से पढ़ाई की है। उन्होंने नियमित रूप से 5 से 6 घंटे पढ़ाई की और स्कूल के नोट्स का अच्छी तरह से पालन किया। उनके अनुसार उन्होंने व्याकरण के कुछ हिस्सों में गलतियों के कारण हिंदी में 97 अंक आए।


हिसार के नारनौंद की रहने वाली ऋषिता ने कहा कि उन्होंने कभी कोई प्रइवेट कोचिंग नहीं की है न ही उन्होंने इसके लिए किसी ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म की मदद ली। ऋषिता डॉक्टर बनना चाहती हैं, जिससे वे समाज और जरूरतमंद लोगो की सेवा कर सकें।



तैयारी के बारे में उन्होंने कहा कि की, "मैं मेडिकल प्रवेश परीक्षा- NEET की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाओं में रजिस्ट्रेशन करूंगी, हालांकि मेरी पहली प्राथमिकता कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं है। "ऋषिता के पिता नरेश कुमार हरियाणा सरकार में सहकारिता विभाग में जूनियर ऑडिटर हैं, और उनकी मां उसी स्कूल में एक प्राइमरी टीचर हैं जहां से उन्होंने पढ़ाई की है।

ये भी पढ़ें :  62 प्रतिशत घरों के बच्चों की शिक्षा कोरोना की वजह से बाधित  

शिक्षा की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें। 
सरकारी नौकरियों की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें। 





Post a Comment

0 Comments