Cbse To Offer Skill Courses As Additional 6th Subject For Classes 6 To 11 - Cbse: छठी से...



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 07 Apr 2020 10:22 PM IST




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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए छठी से लेकर ग्यारहवीं कक्षा तक अहम बदलाव किए हैं। कक्षा छह से लेकर ग्यारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अब छठे विषय के तौर पर कौशल पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। सीबीएसई ने यह व्यवस्था नए शैक्षणिक सत्र के लिए की है। माध्यमिक स्तर पर पांच अनिवार्य विषयों के साथ ही छठे कौशल विषय को एक अतिरिक्त विषय के रूप में पेश किया जा सकता है। सीबीएसई के निदेशक प्रशिक्षण और कौशल शिक्षा बिस्वजीत साहा ने इस बात की जानकारी दी है।
 



वहीं, सीबीएसई ने नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को नौ विषय पढ़ने का विकल्प दिया है। कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थी अब पांच अनिवार्य विषयों के साथ ही चार और विषय ले सकते हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थी ग्रुप के हिसाब से अपने विषय चुन सकते हैं। सीबीएसई ने सभी विषयों को ग्रुप में जोड़ दिया है और उसी के हिसाब से विद्यार्थी अपने विषयों का चयन कर पाएंगे। इन ग्रुपों के आधार पर विद्यार्थी अपनी पसंद के विषयों को चुन सकेंगे। ये ग्रुप मुख्य विषय, ऐच्छिक विषय और भाषा के आधार पर बांटे गए हैं।

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छात्र अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी ग्रुप को चुन सकते हैं। यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि छात्रों को नौवीं और दसवीं में विषय का चुनाव करने में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। इससे पहले तक छात्रों को नौवीं और दसवीं में विषय के चुनाव को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों की सहायता लेनी पड़ती थी क्योंकि वे विषय के चुनाव को लेकर असमंजस में रहते थे। लेकिन अब सीबीएसई ने इसे और आसान बना दिया है।


 

सीबीएसई का कहना है कि अगर कोई विद्यार्थी तीन अनिवार्य शैक्षिक विषयों जैसे विज्ञान, गणित एवं सामाजिक विज्ञान में से किसी एक में फेल हो जाता है और कौशल विषय में पास हो जाता है तो उसका दसवीं कक्षा का रिजल्ट कौशल विषय को जोड़कर तैयार किया जाएगा। यानी कि अगर विद्यार्थी कौशल विषय में पास हो जाता है और अनिवार्य में किसी एक विषय में फेल हो जाता है तो उसे पास कर दिया जाएगा। इसी तरह भाषा विषय में भी किया जाएगा।



अगर कोई विद्यार्थी भाषा में फेल हो जाता है और छठे विषय के तौर पर ली गई भाषा में पास हो जाता है तो उसके रिजल्ट में जिसमें पास हुआ है उसके अंक जुडेंगे। विद्यार्थियों के लिए नौ विषयों में से पांच अनिवार्य विषय होंगे जो कि हिंदी, इंग्लिश, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान होंगे। इसके अलावा विद्यार्थी चार अन्य विषय भी ले सकेंगे। जिनमें  छठा विषय कोई कौशल विषय होगा और सातवां विषय तीसरी भाषा होगी। आठवां और नौवां विषय आर्ट एजुकेशन, हेल्थ फिजिकल एजुकेशन और वर्क एक्सपीरियंस में से चुनना होगा। आठवें और नौवें विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही होगा।




 




केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए छठी से लेकर ग्यारहवीं कक्षा तक अहम बदलाव किए हैं। कक्षा छह से लेकर ग्यारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अब छठे विषय के तौर पर कौशल पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। सीबीएसई ने यह व्यवस्था नए शैक्षणिक सत्र के लिए की है। माध्यमिक स्तर पर पांच अनिवार्य विषयों के साथ ही छठे कौशल विषय को एक अतिरिक्त विषय के रूप में पेश किया जा सकता है। सीबीएसई के निदेशक प्रशिक्षण और कौशल शिक्षा बिस्वजीत साहा ने इस बात की जानकारी दी है।


 


वहीं, सीबीएसई ने नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को नौ विषय पढ़ने का विकल्प दिया है। कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थी अब पांच अनिवार्य विषयों के साथ ही चार और विषय ले सकते हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थी ग्रुप के हिसाब से अपने विषय चुन सकते हैं। सीबीएसई ने सभी विषयों को ग्रुप में जोड़ दिया है और उसी के हिसाब से विद्यार्थी अपने विषयों का चयन कर पाएंगे। इन ग्रुपों के आधार पर विद्यार्थी अपनी पसंद के विषयों को चुन सकेंगे। ये ग्रुप मुख्य विषय, ऐच्छिक विषय और भाषा के आधार पर बांटे गए हैं।

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छात्र अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी ग्रुप को चुन सकते हैं। यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि छात्रों को नौवीं और दसवीं में विषय का चुनाव करने में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। इससे पहले तक छात्रों को नौवीं और दसवीं में विषय के चुनाव को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों की सहायता लेनी पड़ती थी क्योंकि वे विषय के चुनाव को लेकर असमंजस में रहते थे। लेकिन अब सीबीएसई ने इसे और आसान बना दिया है।


 

सीबीएसई का कहना है कि अगर कोई विद्यार्थी तीन अनिवार्य शैक्षिक विषयों जैसे विज्ञान, गणित एवं सामाजिक विज्ञान में से किसी एक में फेल हो जाता है और कौशल विषय में पास हो जाता है तो उसका दसवीं कक्षा का रिजल्ट कौशल विषय को जोड़कर तैयार किया जाएगा। यानी कि अगर विद्यार्थी कौशल विषय में पास हो जाता है और अनिवार्य में किसी एक विषय में फेल हो जाता है तो उसे पास कर दिया जाएगा। इसी तरह भाषा विषय में भी किया जाएगा।



अगर कोई विद्यार्थी भाषा में फेल हो जाता है और छठे विषय के तौर पर ली गई भाषा में पास हो जाता है तो उसके रिजल्ट में जिसमें पास हुआ है उसके अंक जुडेंगे। विद्यार्थियों के लिए नौ विषयों में से पांच अनिवार्य विषय होंगे जो कि हिंदी, इंग्लिश, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान होंगे। इसके अलावा विद्यार्थी चार अन्य विषय भी ले सकेंगे। जिनमें  छठा विषय कोई कौशल विषय होगा और सातवां विषय तीसरी भाषा होगी। आठवां और नौवां विषय आर्ट एजुकेशन, हेल्थ फिजिकल एजुकेशन और वर्क एक्सपीरियंस में से चुनना होगा। आठवें और नौवें विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही होगा।




 






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