Cbse 2020: Online Study Create Problems To Students, Teachers Are Also Worried - Cbse 2020:...



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 08 Apr 2020 09:37 AM IST




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कोरोना वायरस के चलते पूरा देश लॉकडाउन है। लोग घरों में रहकर सरकार की मदद कर रहे हैं। ऐसे में सभी स्कूलों को तय तिथि तक बंद कर दिया है। छात्र-छात्रों की पढ़ाई का हर्जा न हो इसलिए बोर्ड अपने स्तर पर हर मुमकिम प्रयास कर रहे हैं। ऑनलाइन क्लासेस शुरू करना भी इसी योजना का हिस्सा है। 

सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है। लॉकडाउन के दौरान स्कूलों की ओर से बिना किसी तैयारी के ऑनलाइन पढ़ाई कराए जाने से अभिभावक परेशान हैं। दिन में स्कूल वाले अपने निर्धारित समय के अनुसार जूम एप के जरिए जब पढ़ाना शुरू करते हैं तो नेटवर्क की परेशानी के चलते कई-कई बार लिंक टूट जाता है।

ऐसे में अभिभावक तथा संबंधित विषय के टीचर पूरे दिन परेशान रहते हैं। अभिभावकों एवं इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य में लगे कुछ शिक्षकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन गर्मी की छुट्टी और लॉकडाउन के दौरान स्कूल नहीं खुलने की फीस वसूली को सही ठहराने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दे रहे हैं।


  • सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड की ओर से लॉकडाउन के दौरान बच्चों और अभिभावकों पर पढ़ाई का बोझ नहीं बल्कि पेंटिंग, योग, स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कोर्स चलाने के लिए कहा था।

  • अभिभावक नीरज मिश्र ने बताया कि स्कूल संचालकों द्वारा बिना किसी योजना के घर बैठे शिक्षकों से ई-माड्यूल तैयार करवाकर आनन-फानन ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवा दी गई। स्कूल की ओर से बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए कोई तैयारी नहीं की गई।

  • सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी की ओर से जारी आदेश में भी बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं डालने की बात कही गई थी।

  • स्कूलों की ओर से चलाए जाने वाले ऑनलाइन कोर्स के फेर में दिनभर अभिभावक और पूरा परिवार परेशान हो रहा है। नेटवर्क के चलते दिन भर के प्रयास के बाद कोई पढ़ाई पूरी नहीं हो रही है।

  • इसके अलावा शहर के निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं की लॉकडाउन के दौरान परेशानी बढ़ गई है।

  • निजी स्कूलों में पढ़ा रहे कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन पर मानसिक दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है।

  • शिक्षिकाओं का कहना है कि इस समय स्कूल तथा सभी आफिस बंद हैं, इस दौरान बच्चों और पति की जिम्मेदारी के साथ परिवार के दूसरे लोगों पर भी ध्यान देना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। लेकिन बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने से उनको समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।


कोरोना वायरस के चलते पूरा देश लॉकडाउन है। लोग घरों में रहकर सरकार की मदद कर रहे हैं। ऐसे में सभी स्कूलों को तय तिथि तक बंद कर दिया है। छात्र-छात्रों की पढ़ाई का हर्जा न हो इसलिए बोर्ड अपने स्तर पर हर मुमकिम प्रयास कर रहे हैं। ऑनलाइन क्लासेस शुरू करना भी इसी योजना का हिस्सा है। 


सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है। लॉकडाउन के दौरान स्कूलों की ओर से बिना किसी तैयारी के ऑनलाइन पढ़ाई कराए जाने से अभिभावक परेशान हैं। दिन में स्कूल वाले अपने निर्धारित समय के अनुसार जूम एप के जरिए जब पढ़ाना शुरू करते हैं तो नेटवर्क की परेशानी के चलते कई-कई बार लिंक टूट जाता है।

ऐसे में अभिभावक तथा संबंधित विषय के टीचर पूरे दिन परेशान रहते हैं। अभिभावकों एवं इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य में लगे कुछ शिक्षकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन गर्मी की छुट्टी और लॉकडाउन के दौरान स्कूल नहीं खुलने की फीस वसूली को सही ठहराने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दे रहे हैं।


  • सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड की ओर से लॉकडाउन के दौरान बच्चों और अभिभावकों पर पढ़ाई का बोझ नहीं बल्कि पेंटिंग, योग, स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कोर्स चलाने के लिए कहा था।

  • अभिभावक नीरज मिश्र ने बताया कि स्कूल संचालकों द्वारा बिना किसी योजना के घर बैठे शिक्षकों से ई-माड्यूल तैयार करवाकर आनन-फानन ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवा दी गई। स्कूल की ओर से बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए कोई तैयारी नहीं की गई।

  • सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी की ओर से जारी आदेश में भी बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं डालने की बात कही गई थी।

  • स्कूलों की ओर से चलाए जाने वाले ऑनलाइन कोर्स के फेर में दिनभर अभिभावक और पूरा परिवार परेशान हो रहा है। नेटवर्क के चलते दिन भर के प्रयास के बाद कोई पढ़ाई पूरी नहीं हो रही है।

  • इसके अलावा शहर के निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं की लॉकडाउन के दौरान परेशानी बढ़ गई है।

  • निजी स्कूलों में पढ़ा रहे कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन पर मानसिक दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है।

  • शिक्षिकाओं का कहना है कि इस समय स्कूल तथा सभी आफिस बंद हैं, इस दौरान बच्चों और पति की जिम्मेदारी के साथ परिवार के दूसरे लोगों पर भी ध्यान देना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। लेकिन बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने से उनको समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।




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