Indian Students In London University Record Number, Third In Terms Of Foreign Students - लंदन...



वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
Updated Thu, 30 Jan 2020 02:39 AM IST




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ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित विश्वविद्यालयों में रिकॉर्ड संख्या में भारतीय छात्रों ने दाखिला लिया। इसके चलते विदेशी छात्रों के मामले में भारत चीन और अमेरिका के बाद तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। ब्रिटेन की उच्च शिक्षा सांख्यिकी एजेंसी (एचईएसए) द्वारा बुधवार को जारी नए आंकड़ों के मुताबिक, 2018-19 में लंदन में भारतीय छात्रों की संख्या 34.7 फीसदी तक बढ़ी है। वर्ष 2011-12 के बाद यह सबसे अधिक है।

भारत ने इटली को पछाड़कर तीसरा स्थान हासिल किया है। छात्रों के मामले में इटली अब चौथे, फ्रांस पांचवें स्थान पर है। लंदन के मेयर के कार्यालय की प्रमोशनल एजेंसी लंदन एंड पार्टनर्स ने बताया कि भारतीय छात्रों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। इस वजह से वह लंदन में विदेशी छात्रों की संख्या के लिहाज से तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि तीन साल पहले पहले चौथे स्थान पर खिसक गया था।

ब्रिटेन सरकार द्वारा विदेशी छात्रों के लिए शिक्षा पूरी करने के बाद दो साल के वीजा की फिर से शुरुआत किए जाने से आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है। इस नियम से विदेशी छात्र ग्रेजुएट पूरी करने के बाद रोजगार तलाशने के लिए लंबे वक्त तक ब्रिटेन में रह सकेंगे।  

आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 में लंदन विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की संख्या 125,035 है जो कि 2017-18 की अपेक्षा 5.8 प्रतिशत अधिक है। चीन के 25,650 छात्रों ने यहां के विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया है।

अमेरिका के 7,460 जबकि भारत के 7,158 छात्रों ने पढ़ाई के लिए पंजीकरण कराया है। इटली के छात्रों की संख्या में 1.2 फीसदी की कमी आई है। उसके 5,625 छात्रों ने दाखिला कराया है। 3.9 फीसदी की वृद्धि के साथ फ्रांस के 4,650 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। 




सार


  • वर्ष 2018-19 में 34.7 फीसदी की बढ़ोतरी

  • वर्ष 2011-12 के बाद सबसे अधिक 



विस्तार


ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित विश्वविद्यालयों में रिकॉर्ड संख्या में भारतीय छात्रों ने दाखिला लिया। इसके चलते विदेशी छात्रों के मामले में भारत चीन और अमेरिका के बाद तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। ब्रिटेन की उच्च शिक्षा सांख्यिकी एजेंसी (एचईएसए) द्वारा बुधवार को जारी नए आंकड़ों के मुताबिक, 2018-19 में लंदन में भारतीय छात्रों की संख्या 34.7 फीसदी तक बढ़ी है। वर्ष 2011-12 के बाद यह सबसे अधिक है।


भारत ने इटली को पछाड़कर तीसरा स्थान हासिल किया है। छात्रों के मामले में इटली अब चौथे, फ्रांस पांचवें स्थान पर है। लंदन के मेयर के कार्यालय की प्रमोशनल एजेंसी लंदन एंड पार्टनर्स ने बताया कि भारतीय छात्रों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। इस वजह से वह लंदन में विदेशी छात्रों की संख्या के लिहाज से तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि तीन साल पहले पहले चौथे स्थान पर खिसक गया था।

ब्रिटेन सरकार द्वारा विदेशी छात्रों के लिए शिक्षा पूरी करने के बाद दो साल के वीजा की फिर से शुरुआत किए जाने से आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है। इस नियम से विदेशी छात्र ग्रेजुएट पूरी करने के बाद रोजगार तलाशने के लिए लंबे वक्त तक ब्रिटेन में रह सकेंगे।  

आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 में लंदन विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की संख्या 125,035 है जो कि 2017-18 की अपेक्षा 5.8 प्रतिशत अधिक है। चीन के 25,650 छात्रों ने यहां के विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया है।

अमेरिका के 7,460 जबकि भारत के 7,158 छात्रों ने पढ़ाई के लिए पंजीकरण कराया है। इटली के छात्रों की संख्या में 1.2 फीसदी की कमी आई है। उसके 5,625 छात्रों ने दाखिला कराया है। 3.9 फीसदी की वृद्धि के साथ फ्रांस के 4,650 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। 






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