एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 30 Jan 2020 10:44 AM IST
नीति रावल परिवार के साथ
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किसी ने सच ही कहा है कि पढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। उम्र के किसी भी पड़ाव पर आप अपनी अधूरी ख्वाहिशें पूरी कर सकते हैं। इस बात को साबित कर दिखाया है नीती रावल ने।
55 साल की नीति रावल करीब 30 साल तक गृहिणी रहीं। लेकिन अब वह एक वकील बन चुकी हैं। नीती वकीलों के परिवार से आती हैं। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। दोनों ही वकील हैं। बेटी की शादी भी हो चुकी है। जबकि उनके बेटे ने मुंबई के एक लॉ फर्म में नौकरी ज्वाइन की है।
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नीति कहती हैं, 'बेटे के मुंबई चले जाने और बेटी की शादी के बाद घर पर मुझे काफी अकेला महसूस होता था। मैं कुछ करना चाहती थी।' इसके बाद नीति ने वो पेशा चुनने का फैसला किया जिसमें उनका परिवार और उनके बच्चे काम कर रहे हैं। नीति ने गुजरात विश्वविद्यालय में दाखिला ले लिया। पढ़ाई छोड़ने के 30 साल बाद। अब नीति ग्रेजुएट हो चुकी हैं। खास बात ये है कि नीति ने दीक्षांत समारोह में चार गोल्ड मेडल भी हासिल किए हैं।
नीति रावल के पति मॉलिन रावल अपनी पत्नी की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। वह कहते हैं कि 'मुझे अपनी पत्नी पर गर्व है कि उसने 30 साल तक गृहिणी रहने के बाद पढ़ाई पूरी की।'
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अब नीति लॉ में मास्टर्स डिग्री पूरी करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने दाखिले के फॉर्म भी भर दिए हैं। गुजरात विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में नीति के साथ उनके पति और बेटी भी शामिल हुए थे। यहां अपनी मां को गोल्ड मेडल पाता देख बेटी भी काफी खुश थीं।

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