Group Of Afghanistan Women Coders Removed Male Character From Games And Apps - गेम्स और एप...



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 27 Oct 2019 07:39 AM IST




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अफगानिस्तान में कोडिंग करने वाली लड़कियों की एक समूह काफी चर्चा में है। इस समूह की महिलाओं ने अपना वर्चस्व कायम करने के लिए एनिमेशन वीडियो में से पुरुष कैरेक्टर्स को पूरी तरह से हटा दिया है। इनकी जगह महिला कैरेक्टर्स को दी जा रही है। इन लड़कियों का मानना है कि महिलाएं रोज अपने वजूद के लिए लड़ती हैं, तो असली हीरो लड़कियां हैं। 

असल में इस मुहिम की शुरुआत के पीछे कंप्यूटर शिक्षक फरेश्ते फोरोहो हैं। इन्होंने कोड टू इंस्पायर की शुरुआत 2015 में की थी। इस समूह की 12 लड़कियों ने छह माह में अफगान हीरो गर्ल गेम बनाया है। समूह की महिलाएं वीडियो गेम्स और एप में पुरुष हीरो को देख-देखकर बोर हो चुकी थीं। इसलिए उन्होंने महिलाओं के प्रतिनिधित्व वाले गेम और एप बनाए हैं।

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अफगानिस्तान में लड़कियों के लिए सीमित शैक्षणिक मौके हैं। इंटरनेट और टेक्नोलॉजी तो दूर की बात है, ऐसे में टेक्नोलॉजी की मदद इस समूह ने टेक्नोलॉजी की मदद से बड़ा बदलाव लाने की कोशिश की है। समूह की महिलाओं का मानना है कि वो यह सब समानता, और सशक्तिकरण के लिए कर रही हैं। ताकि इसके जरिए लड़कियों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता की लड़ाई के लिए प्रेरित कर सकें। 

समूह द्वारा बनाए गए एक गेम में राजकुमारी शैतानी ताकतों को खंजर से खत्म करते हुए दिखाई जाती हैं। एक गेम में लड़कियां दुश्मनों से निपटने कि लिए सैनिकों की मदद करती हुई दिखाई देती हैं। गेम में अफगानी महिलाओं के पारंपरिक लिबास और स्कार्फ में कैरेक्टरों को ढाला गया है।

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अफगानिस्तान में कोडिंग करने वाली लड़कियों की एक समूह काफी चर्चा में है। इस समूह की महिलाओं ने अपना वर्चस्व कायम करने के लिए एनिमेशन वीडियो में से पुरुष कैरेक्टर्स को पूरी तरह से हटा दिया है। इनकी जगह महिला कैरेक्टर्स को दी जा रही है। इन लड़कियों का मानना है कि महिलाएं रोज अपने वजूद के लिए लड़ती हैं, तो असली हीरो लड़कियां हैं। 


असल में इस मुहिम की शुरुआत के पीछे कंप्यूटर शिक्षक फरेश्ते फोरोहो हैं। इन्होंने कोड टू इंस्पायर की शुरुआत 2015 में की थी। इस समूह की 12 लड़कियों ने छह माह में अफगान हीरो गर्ल गेम बनाया है। समूह की महिलाएं वीडियो गेम्स और एप में पुरुष हीरो को देख-देखकर बोर हो चुकी थीं। इसलिए उन्होंने महिलाओं के प्रतिनिधित्व वाले गेम और एप बनाए हैं।

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अफगानिस्तान में लड़कियों के लिए सीमित शैक्षणिक मौके हैं। इंटरनेट और टेक्नोलॉजी तो दूर की बात है, ऐसे में टेक्नोलॉजी की मदद इस समूह ने टेक्नोलॉजी की मदद से बड़ा बदलाव लाने की कोशिश की है। समूह की महिलाओं का मानना है कि वो यह सब समानता, और सशक्तिकरण के लिए कर रही हैं। ताकि इसके जरिए लड़कियों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता की लड़ाई के लिए प्रेरित कर सकें। 

समूह द्वारा बनाए गए एक गेम में राजकुमारी शैतानी ताकतों को खंजर से खत्म करते हुए दिखाई जाती हैं। एक गेम में लड़कियां दुश्मनों से निपटने कि लिए सैनिकों की मदद करती हुई दिखाई देती हैं। गेम में अफगानी महिलाओं के पारंपरिक लिबास और स्कार्फ में कैरेक्टरों को ढाला गया है।

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