एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, Updated Sat, 19 Oct 2019 12:01 PM IST
सिविल सर्विसेज 2018 की परीक्षा में ऑल ओवर इंडिया में तीसरे स्थान पर आए जुनैद अहमद का सपना था कि एक दिन भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनें। क्योंकि उनके परिवार में कोई प्रशासनिक सेवा में नहीं थी। सिविल सर्विसेज की चार बार परीक्षा देने पर उनका भारतीय राजस्व सेवा में चयन हुआ था। बता दें कि उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर स्थित नगीना कस्बे के रहने वाले हैं जुनैद अहमद। जुनैद के पिता जावेद हुसैन वकील और माता आयशा रजा गृहिणी हैं। पांचवी बार यूपीएससी की परीक्षा को पास करने की वजह जिनैद अपने द्वारा की जाने वाली ये पांच गलतियां मानते हैं। पढ़ते हैं आगे...

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