When Pm Modi Meet Students At Isro Centre, Watch Question Answer Video During Chandrayaan 2 Mission -...

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO - Indian Space Research Organisation) के टेलीमेट्री कमांड नेटवर्क सेंटर, बेंगलुरू में 6 और 7 सितंबर 2019 की रात देश के कई स्टूडेंट्स के लिए बेहद खास थी। हो भी क्यों न, इन बच्चों को देश के प्रधानमंत्री से मिलने और चंद्रयान 2 के अहम पलों के दौरान वैज्ञानिकों को काम करते लाइव देखने का मौका जो मिला था।


हालांकि चंद्रयान 2 के लैंडर विक्रम के साथ वैज्ञानिकों का संपर्क चांद पर उतरने से करीब 2.1 किलोमीटर पहले टूट गया। लेकिन प्रधानमंत्री ने इसरो चीफ डॉ. के. सिवन समेत सभी वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया। कहा कि देश को उन पर गर्व है। उन्होंने जो हासिल किया वो भी कम नहीं है। जीवन में उतार चढ़ाव लगा रहता है, लेकिन यह सफर जारी रहेगा। 

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कंट्रोल रूम से बाहर निकले और कैंपस में उनका इंतजार कर रहे स्टूडेंट्स से मिले। ये वे स्टूडेंट्स थे जिन्हें इसरो स्पेस क्विज के जरिए चुन कर चंद्रयान 2 की लाइव लैंडिंग देखने के लिए इसरो सेंटर बुलाया गया था।

इस दौरान पीएम मोदी ने पहले स्टूडेंट्स से बात की। पूछा कि वे किन जगहों से आए हैं, किस स्कूल में पढ़ते हैं। इसके बाद जैसे ही वह धन्यवाद कह कर आगे बढ़ने लगे स्टूडेंट्स ने उनसे सवाल पूछने शुरू कर दिए। एक स्टूडेंट ने पूछा कि राष्ट्रपति बनने के लिए उसे क्या करना चाहिए? आगे पढ़ें पीएम ने क्या जवाब दिया। साथ ही स्टूडेंट्स और पीएम की बातचीत का पूरा वीडियो भी देखें।

पीएम से स्टूडेंट्स ने जो सवाल किए और उन्होंने उन सवालों के जो जवाब दिए, वो इस तरह हैं।

सवाल : हमें मोटिवेशन कैसे मिले? हम क्या रणनीति बनाएं कि हमारा दृढ़ निश्चय डगमगाए नहीं और हम अपने लक्ष्य पर अडिग रह सकें?
जवाब : लक्ष्य बहुत बड़ा होता है। इसलिए छोटे छोटे हिस्सों में इसे बांटना चाहिए। जो पाया है उसे जोड़ते जाना चाहिए। जो मिस कर दिया उसे भूलते जाना चाहिए। वरना उसे ही सोचकर निराश होते रहेंगे। निराशा को अपने मन में घुसने ही नहीं देना है।

सवाल : अगर मैं एक दिन भारत का राष्ट्रपति बनना चाहूं, तो मुझे क्या करना चाहिए?
जवाब : पीएम ने पहले तो बच्चे की पीठ थपथपाई और वाह कहा। फिर पूछा - राष्ट्रपति ही क्यों, प्रधानमंत्री क्यों नहीं बनना चाहते और हंस पड़े।

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सवाल : कई बच्चे हैं जो स्पेस में करयिर बनाना चाहते हैं। इसके बारे में जानना चाहते हैं। लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिल पाते। आप हमें ऐसे अवसर देने के लिए क्या करेंगे?
जवाब : मैं इस बारे में सोचूंगा। इसके तरीके और समाधान ढूंढूगां। अभी तो हमने बस शुरुआत की है।

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