
फाइल फोटो
इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी
बता दें कि अप्रैल महीने में हुई जेईई मेंस परीक्षा में कुल 935741 छात्रों ने हिस्सा लिया, जबकि इसी साल जनवरी सेशन में हुई परीक्षा में कुल 929198 छात्रों ने रजिस्टर हुए थे. अप्रैल सत्र में, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए 6,543 उम्मीदवारों की बढ़ोतरी दर्ज गई. हालांकि, आर्किटेक्चर पाठ्यक्रमों में एक सटीक रिवर्स ट्रेंड देखा गया था, जहां पंजीकृत उम्मीदवारों की संख्या जनवरी में 1,80,052 से गिरकर अप्रैल में 1,69,767 हो गई थी, जिसमें 10,285 छात्र पंजीकृत थे.
यह भी पढ़ें : LIC AAO 2019: जारी हुआ एडमिट कार्ड, licindia.in पर ऐसे करें डाउनलोडजेईई मुख्य परीक्षा में भौतिकी का खंड कठिन
वहीं जेईई मुख्य परीक्षा को लेकर छात्रों की मिश्रित प्रतिक्रिया रही है. छात्रों के अनुसार परीक्षा में भौतिकी का खंड काफी कठिन था. जबकि रसायन विज्ञान को देश भर के छात्रों ने आसान खंड बताया. वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर को आसान से ऊपर का माना जाना चाहिए. नोएडा में इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाली संस्था एफआईआईटीजेईई के सेंटर हेड रमेश बैतलिक का मानना है कि तीनों खंडों में सबसे कठिन मैथ्स का पेपर था, इसके बाद केमिस्ट्री.
आईआईटी में प्रवेश के लिए जारी की जाएगी कट-ऑफ मेरिट
जेईई मेन परीक्षा के स्कोर के आधार पर ही छात्रों को NITs, IIITs, CFTIs और यहां तक कि निजी इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा. छात्रों के आईआईटी में प्रवेश के लिए एक कट-ऑफ मेरिट भी जारी की जाएगी. इस बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षार्थियों के लिए अपने आवेदन पत्र में श्रेणी सुधार करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परीक्षार्थियों के लिए आरक्षण कोटा के लिए आवेदन करने की सुविधा शुरू कर दी है.ये भी पढ़ें: JEE Main Answer Key जारी, ऑब्जेक्शन रेज करने के लिए 16 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन
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First published: April 23, 2019, 7:39 AM IST


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