
टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 04 मार्च 2021 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से समुद्री स्थानिक योजना और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं.
केंद्र सरकार ने फिजी के साथ कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के सहयोग के लिए एक समझौते को मंजूरी दी. समझौता ज्ञापन विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की सुविधा प्रदान करने हेतु है जिसमें दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना भी शामिल है.
इसमें तकनीकी हस्तांतरण, कृषि को आगे ले जाने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित करके अधिकारियों और किसानों के प्रशिक्षण के माध्यम से मानव संसाधनों का विकास जैसी भी सुविधा की बात भी शामिल है.
यह समुद्री स्थानिक योजना भारत और नॉर्वे एकीकृत महासागर पहल का हिस्सा है जिसे वर्ष, 2019 में दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये थे. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा इस समुद्री स्थानिक योजना - MSP पहल को NCCR - भारत के लिए राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा.
इस योजना और संबंधित अध्ययन करने के लिए भारत सरकार का प्रारंभिक निवेश लगभग 8-10 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया है. एक विज्ञप्ति के अनुसार, इन दोनों पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों (लक्षद्वीप और पुडुचेरी) की समुद्री स्थानिक योजना की रूपरेखा का अनुकरण देश के अन्य तटीय क्षेत्रों में भी किया जा सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इस वैक्सीन का पहला डोज लगवाया था. कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के अनुसार, देश के 25,800 लोगों पर ये ट्रायल किए गए थे. इससे पहले भारत बॉयोटेक के टीके के परीक्षण के अंतिम परिणाम आने से पहले ही इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी को लेकर विवाद पैदा हो गया था.
गौरतलब है कि कोवैक्सीन एक स्वदेशी कोरोना वैक्सीन है. इस समय देश में दो कंपनियों की वैक्सीन लोगों के लिए उपलब्ध है. इसमें भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की 'कोविशील्ड' शामिल है. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के वैक्सीन का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रहा है.
भारत ने फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस मिसाइल समेत अन्य रक्षा उपकरणों की आपूर्ति हेतु समझौता किया है. फिलिपीन के रक्षा सचिव डेलफिन लॉरेंजाना मनीला में समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान मौजूद थे. उन्होंने कथित तौर पर कहा है कि उनका देश ब्रह्मोस मिसाइल खरीद रहा है.
ब्रह्मोस एक कम दूरी की रैमजेट, सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है. इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है. ब्रह्मोस के समुद्री तथा थल संस्करणों का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है तथा भारतीय सेना एवं नौसेना को सौंपा जा चुका है.

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