Visva Bharati University Shanti Niketan Where Classes Are Held In The Shade Of Trees Know Everything Rector...


पश्विम बंगाल के शांति निकेतन स्थित विश्व भारती यूनिवर्सिटी
- फोटो : Visva-Bharati University




पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।


*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!






ख़बर सुनें





पश्विम बंगाल के शांति निकेतन स्थित विश्व भारती यूनिवर्सिटी देश का एक ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां प्राचीन भारत की आत्मा बसती है। यहां आज भी खुले आकाश तले पेड़ों की छांव में कक्षाएं लगती हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को शांति निकेतन पहुंचे और विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शिरकत भी की। आइए जानते हैं इस विश्वविद्यालय के बारे में कुछ रोचक जानकारियां...

 

इस विश्वविद्यालय में आज भी गुरुकुल व्यवस्था की तरह ही खुले आकाश तले पेड़ों की छांव में कक्षाएं लगती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि विश्वविद्यालय कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन शिक्षा के इस युग में पिछड़ा होगा। विश्व भारती विश्वविद्यालय भारत का केंद्रीय विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व का संस्थान भी घोषित है। परिसर में हर ओर भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक दिखाई देती है। 

 
शांति निकेतन में विश्वभारती विश्वविद्यालय की शुरुआत एक आश्रम के तौर पर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर (ठाकुर) के पिता महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने सन 1863 में 07 एकड़ जमीन पर एक आश्रम की स्थापना की थी। जहां बाद में रवींद्रनाथ टैगोर ने इस विश्वविद्यालय को स्थापित किया और इसे विज्ञान के साथ कला और संस्कृति की पढ़ाई का उत्कृष्ट केंद्र बनाया। 

भारत के राष्ट्रपति हैं विजिटर :
मई 1951 में, संसद के एक अधिनियम द्वारा विश्व-भारती को एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया। साथ ही इसे एकात्म, शिक्षण और आवासीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। इस विश्वविद्यालय के विजिटर (आगंतुक) भारत के राष्ट्रपति हैं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रेक्टर हैं, और भारत के प्रधानमंत्री चांसलर के रूप में सुशोभित करते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति (वाइस चांसलर) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं।

 


पश्विम बंगाल के शांति निकेतन स्थित विश्व भारती यूनिवर्सिटी देश का एक ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां प्राचीन भारत की आत्मा बसती है। यहां आज भी खुले आकाश तले पेड़ों की छांव में कक्षाएं लगती हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को शांति निकेतन पहुंचे और विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शिरकत भी की। आइए जानते हैं इस विश्वविद्यालय के बारे में कुछ रोचक जानकारियां...




 


इस विश्वविद्यालय में आज भी गुरुकुल व्यवस्था की तरह ही खुले आकाश तले पेड़ों की छांव में कक्षाएं लगती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि विश्वविद्यालय कंप्यूटरीकृत ऑनलाइन शिक्षा के इस युग में पिछड़ा होगा। विश्व भारती विश्वविद्यालय भारत का केंद्रीय विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व का संस्थान भी घोषित है। परिसर में हर ओर भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक दिखाई देती है। 



 










Post a Comment

0 Comments