Mp Private Schools Association Demands Regular School Opening In The State - मध्यप्रदेश:...



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 10 Dec 2020 01:59 PM IST





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MP Scool Reopening: राज्य में प्राइवेट स्कूल संचालक सरकार के स्कूल न खोलने के फैसले का खुलकर विरोध कर रहे हैं। संचालकों नें कोरोनावायरस के कारण लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को खोलने की मांग की है। इतना ही नहीं, कई प्राइवेट स्कूल संगठनों ने सिर्फ 5 दिनों के अंदर स्कूल खोलने की चेतावनी दी है। अगर आने वाले दिनों में सरकार स्कूल खोलने की इजाजत नहीं देती है तो वे 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करेंगे।

इन संगठनों का कहना है कि जब मंदिर, मॉल, पिकनिक स्पॉट, बाजार आदि सब खुल चुके हैं तो केवल स्कूल और शैक्षणिक संस्थान ही क्यों बंद हैं। क्या कोरोना का प्रकोप सिर्फ शैक्षणिक संस्थानों तक ही सीमित है। इसके अलावा स्कूल संगठनों ने अपनी कुछ मांगे भी रखी हैं। जिनमें स्कूल स्टाफ का वेतन, बिजली, पानी और अन्य करों में छूट और वेतन आदि से निपटने के लिए बिना ब्याज लोन की सुविधा आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। 

ये भी पढ़ें: Education Minister Live: नीट, जेईई और सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को लेकर दी ये जानकारी, आप भी पूछ सकते हैं प्रश्न

हाल ही में राज्य सरकार ने प्रदेश में कक्षा नौवीं से लेकर बारहवीं तक की कक्षाएं नियमित तौर पर शुरू करने का निर्णय लिया था। विद्यार्थियों के शंका समाधान के लिए स्कूल नियमित रूप से पूरे निर्धारित समय तक के लिए खुले रहने का आदेश दिया था। छात्र माता-पिता की सहमति से ही मार्गदर्शन के लिए स्कूल आ सकेंगे। इतना ही नहीं, स्कूल खुलने पर छात्रों, अध्यापकों और कर्मचारियों को बनाए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

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MP Scool Reopening: राज्य में प्राइवेट स्कूल संचालक सरकार के स्कूल न खोलने के फैसले का खुलकर विरोध कर रहे हैं। संचालकों नें कोरोनावायरस के कारण लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को खोलने की मांग की है। इतना ही नहीं, कई प्राइवेट स्कूल संगठनों ने सिर्फ 5 दिनों के अंदर स्कूल खोलने की चेतावनी दी है। अगर आने वाले दिनों में सरकार स्कूल खोलने की इजाजत नहीं देती है तो वे 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करेंगे।




इन संगठनों का कहना है कि जब मंदिर, मॉल, पिकनिक स्पॉट, बाजार आदि सब खुल चुके हैं तो केवल स्कूल और शैक्षणिक संस्थान ही क्यों बंद हैं। क्या कोरोना का प्रकोप सिर्फ शैक्षणिक संस्थानों तक ही सीमित है। इसके अलावा स्कूल संगठनों ने अपनी कुछ मांगे भी रखी हैं। जिनमें स्कूल स्टाफ का वेतन, बिजली, पानी और अन्य करों में छूट और वेतन आदि से निपटने के लिए बिना ब्याज लोन की सुविधा आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। 

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