एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 29 Dec 2020 02:37 PM IST





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कर्नाटक में स्कूलों को नए साल से फिर से खोला जाएगा और नियमित कक्षाएं होंगी। इस बात की जानकारी सूबे के शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने दी है। उनका कहना है कि दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए 1 जनवरी 2021 से नियमित कक्षाएं होंगी।

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प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार का कहना है कि नियमित कक्षाओं में भाग लेने के लिए कोई कठिन नियम नहीं होंगे। अगर माता-पिता और छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में सहज हैं, तो वे घर से पढ़ाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका विभाग तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों का पालन करेगा। उन्होंने कहा कि विद्यागामा योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा को उन छात्रों तक पहुंचाना है, जो विभिन्न कारणों से ऑनलाइन कक्षाओं में भाग नहीं ले सकते हैं।

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वहीं, राजस्थान में जनवरी के पहले हफ्ते से ट्रायल के आधार पर स्कूल खुल सकते हैं। नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए नए साल के पहले हफ्ते से ट्रायल के आधार पर स्कूलों को फिर से खोला जा सकता है। इसके लिए शिक्षा मंत्री ने सरकार के पास 15 दिनों के ट्रायल का सुझाव भेजा है। जिस पर सरकार की मुहर लगना बाकी है।

 



कर्नाटक में स्कूलों को नए साल से फिर से खोला जाएगा और नियमित कक्षाएं होंगी। इस बात की जानकारी सूबे के शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने दी है। उनका कहना है कि दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए 1 जनवरी 2021 से नियमित कक्षाएं होंगी।


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प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार का कहना है कि नियमित कक्षाओं में भाग लेने के लिए कोई कठिन नियम नहीं होंगे। अगर माता-पिता और छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में सहज हैं, तो वे घर से पढ़ाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका विभाग तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों का पालन करेगा। उन्होंने कहा कि विद्यागामा योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा को उन छात्रों तक पहुंचाना है, जो विभिन्न कारणों से ऑनलाइन कक्षाओं में भाग नहीं ले सकते हैं।

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वहीं, राजस्थान में जनवरी के पहले हफ्ते से ट्रायल के आधार पर स्कूल खुल सकते हैं। नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए नए साल के पहले हफ्ते से ट्रायल के आधार पर स्कूलों को फिर से खोला जा सकता है। इसके लिए शिक्षा मंत्री ने सरकार के पास 15 दिनों के ट्रायल का सुझाव भेजा है। जिस पर सरकार की मुहर लगना बाकी है।