एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, Updated Sat, 31 Oct 2020 12:04 PM IST


सपने तो सभी देखते हैं पर उन्हें सच कर दिखाने का जज्बा किसी-किसी में होता है। समय-समय पर हमें ऐसी सच्ची कहानियां सुनने को मिलती हैं, जो इस बात को सच साबित करती हैं। ऐसी ही एक सच्ची कहानी हम आपको बता रहे हैं। 

ये कहानी है विपिन शिवहरे की, जो आज प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारी हैं। जिन्होंने पीसीएस 2018 में चौथी रैंक हासिल की। आइए इनके बारे में पढ़ते हैं सबकुछ...