इस बार कक्षा 10वीं और 12वीं मिलाकर सीबीएसई के कुल 2,37,849 स्टूडेंट्स कंपार्टमेंट की श्रेणी में हैं। इनकी तरफ से कोर्ट में परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर याचिका पर जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की बेंच सुनवाई करेगी।
याचिका में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 Pandemic) के बीच पूरी सुरक्षा के साथ कंपार्टमेंट परीक्षाएं कराना बोर्ड के लिए असंभव होगा। वहीं, परीक्षाओं में हो रही देरी के कारण कई स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में आ जाएगा। क्योंकि ज्यादातर कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया खत्म होने वाली है।
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CBSE ने क्या कहा था
बीते 6 अगस्त को सीबीएसई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया था। इसमें बताया था कि '25 जून 2020 को सुप्रीम कोर्ट में दिए गए शपथपत्र में कहा गया है कि 1 से 15 जुलाई 2020 तक के लिए शेड्यूल परीक्षाओं में इंटरनल असेसमेंट स्कीम के तहत मार्किंग कर रिजल्ट घोषित किए गए हैं। इस रिजल्ट से जो स्टूडेंट्स संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें बोर्ड इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होकर अंक बेहतर करने का मौका देगा। इस इंप्रूवमेंट परीक्षा में मिलने वाले अंकों को ही फाइनल माना जाएगा।'
कंपार्टमेंट परीक्षा पर बोर्ड ने कहा था कि 'कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सुरक्षा के सभी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन किया जाएगा। सभी सुरक्षा एहियातों के तहत ही परीक्षाएं ली जाएंगी।'

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