Uttarakhand Board 10th And 12th Class Results 2020: Parents Also Keep These Things In Mind - Uttarakhand...



न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Mon, 27 Jul 2020 09:06 PM IST





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29 जुलाई को उत्तराखंड बोर्ड का परीक्षा परिणाम आने वाला है। ऐसे में अभिभावकों को भी बच्चों के प्रति कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। बच्चों पर बेवजह का दबाव न बनाएं। बार-बार उनसे कल रिजल्ट आने वाला है क्या होगा यह बातें मत करें। बल्कि उन्हें मोटिवेट करते रहें।

कई बार अभिभावक दूसरों के बच्चों के नंबर देखकर अपने बच्चे से तुलना करने लगते हैं। ऐसा न करें। इससे बच्चे के अंदर हीन भावना पैदा होती है। ऐसा नहीं है कि अच्छे अंक लाने से ही आप ऊंचे मुकाम पर जाएं। खेल से लेकर व्यापार और प्रशासनिक स्तर पर कई चेहरे आपको नजर आ जाएंगे जो औसत दर्जे के छात्र होते हुए भी आज ऊंचे मुकाम पर हैं। 

बच्चों से बात करें उनकी रूचि जानें
ये बात ठीक है कि बच्चे के करियर को लेकर मां-बाप के भी कुछ अरमान होते हैं लेकिन अपनी मर्जी बच्चे पर नहीं थोपें। उसकी दिलचस्पी किस क्षेत्र में है यह पूछें। बच्चे पर भविष्य को लेकर दबाव न डालें बल्कि तसल्ली से बैठ कर बच्चे की पसंद के बारे में जानें।

अपने किस्से भी सुनाएं
माता-पिता बच्चों को ये दिलासा जरूर दिलाते रहें कि रिजल्ट चाहे जो भी हो आप उनके साथ हैं। अपने बचपन के किस्से सुनाएं कि स्कूल के दिनों में वह कैसे रिजल्ट की टेंशन से दूर रहते थे।


- अच्छा रिजल्ट आने को लेकर उन्हें कोई प्रलोभन न दें।
- माता-पिता घर में रिजल्ट को बहुत गंभीर विषय न बनाएं। इसे सामान्य तरीके से लें।
- बच्चों को किसी न किसी एक्टिविटी में व्यस्त रखें।
- बच्चों के साथ मूवी देखें, बाहर खाना खाएं और समय बिताएं।
- बच्चों को प्रोत्साहित व समर्थन करें न कि घर को जंग का मैदान बनाएं।
- बच्चों के साथ अच्छे अनुभव बांटें।
- तीन दिन तक बच्चों को डांटें नहीं, उनके साथ रहें।
- परिजन बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी बनने से बचें ।
- बच्चों को विश्वास में लें और उनसे बातचीत करें।
- अपने बच्चों की दूसरों से तुलना न करें।



29 जुलाई को उत्तराखंड बोर्ड का परीक्षा परिणाम आने वाला है। ऐसे में अभिभावकों को भी बच्चों के प्रति कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। बच्चों पर बेवजह का दबाव न बनाएं। बार-बार उनसे कल रिजल्ट आने वाला है क्या होगा यह बातें मत करें। बल्कि उन्हें मोटिवेट करते रहें।




कई बार अभिभावक दूसरों के बच्चों के नंबर देखकर अपने बच्चे से तुलना करने लगते हैं। ऐसा न करें। इससे बच्चे के अंदर हीन भावना पैदा होती है। ऐसा नहीं है कि अच्छे अंक लाने से ही आप ऊंचे मुकाम पर जाएं। खेल से लेकर व्यापार और प्रशासनिक स्तर पर कई चेहरे आपको नजर आ जाएंगे जो औसत दर्जे के छात्र होते हुए भी आज ऊंचे मुकाम पर हैं। 




बच्चों से बात करें उनकी रूचि जानें

ये बात ठीक है कि बच्चे के करियर को लेकर मां-बाप के भी कुछ अरमान होते हैं लेकिन अपनी मर्जी बच्चे पर नहीं थोपें। उसकी दिलचस्पी किस क्षेत्र में है यह पूछें। बच्चे पर भविष्य को लेकर दबाव न डालें बल्कि तसल्ली से बैठ कर बच्चे की पसंद के बारे में जानें।

अपने किस्से भी सुनाएं
माता-पिता बच्चों को ये दिलासा जरूर दिलाते रहें कि रिजल्ट चाहे जो भी हो आप उनके साथ हैं। अपने बचपन के किस्से सुनाएं कि स्कूल के दिनों में वह कैसे रिजल्ट की टेंशन से दूर रहते थे।






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