एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 30 Jul 2020 05:59 AM IST
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शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाएगी। पदोन्नति के योग्यता के साथ ही समय-समय पर कार्य-प्रदर्शन का आकलन भी देखा जाएगा। इसके जरिये शैक्षणिक प्रशासक या शिक्षाविद बनने की व्यवस्था होगी। शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद 2022 तक राष्ट्रीय प्रोफेशनल मानक (एनपीएसटी) बनाएगा। जिसके लिए एनसीईआरटी, एससीईआरटी, शिक्षकों और सभी स्तरों एवं क्षेत्रों के विशेषज्ञ संगठनों से परामर्श होगा।
शिक्षकों के प्रशिक्षण में भी होगा बदलाव
एनसीईआरटी के परामर्श से एनसीटीई अध्यापक शिक्षण के लिए नया और व्यापक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा बनाया जाएगा। गुणवत्ताविहीन स्वचालित अध्यापक शिक्षण संस्थान (टीईओ) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को सलाह देने और प्रोफेशनल मदद करने के लिए राष्ट्रीय सलाह मिशन की स्थापना की जाएगी।
शिक्षकों के प्रशिक्षण में भी होगा बदलाव
एनसीईआरटी के परामर्श से एनसीटीई अध्यापक शिक्षण के लिए नया और व्यापक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा बनाया जाएगा। गुणवत्ताविहीन स्वचालित अध्यापक शिक्षण संस्थान (टीईओ) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को सलाह देने और प्रोफेशनल मदद करने के लिए राष्ट्रीय सलाह मिशन की स्थापना की जाएगी।


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