Edited By M Salahuddin | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
इससे पहले जेईई अडवांस्ड 2020 के चेयरमैन सिद्धार्थ पांडे ने स्पष्ट कर दिया था कि सिलेबस कटौती जैसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने बताया था कि चूंकि जेईई मेन का पहला चरण जनवरी में पहले हो चुका है और छात्रों को साल की शुरुआत से ही अच्छी तरह से सिलेबस के बारे में पता है।
उन्होंने बताया था, 'मार्च 2020 में महामारी का मामला सामने आया है। उसके बाद जेईई मेन के दूसरे चरण और अडवांस्ड को स्थगित किया गया। इससे पहले जेईई का एक चरण हो चुका है। सिलेबस कटौती हमारे अजेंडा में शामिल नहीं है।'
आईआईटी में अब दाखिले की प्रक्रिया में बदलाव
इस साल 12वीं क्लास पास हुए छात्रों को भी आईआईटी में दाखिला मिल सकेगा। पहले की तरह उनको जेईई अडवांस्ड क्लियर करने के बाद भी 12वीं में 75 फीसदी नंबर या टॉप 20 पर्सेंटाइल लाना जरूरी नहीं रह जाएगा। लेकिन दो चीजें अनिवार्य रहेगी। एक तो 12वीं की परीक्षा देनी ही होगी और जेईई अडवांस्ड भी क्लियर करना होगा। सिर्फ 12वीं के नंबरों में छूट मिलेगी। शुक्रवार को ट्वीटों की श्रृंखला के माध्यम से देश के मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने इसकी जानकारी दी।
सीबीएसई के सिलेबस में कटौती
कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में किए गए लॉकडाउन की वजह से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। छात्रों का बोझ कम करने के लिए सीबीएसई ने सिलेबस में कटौती करने का फैसला लिया है। सीबीएसई के फैसले को देखकर अनुमान जताया जा रहा है कि जेईई मेन, जेईई अडवांस्ड और नीट के सिलेबस में भी कटौती हो सकती है।
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