एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 28 Jul 2020 04:15 AM IST
रमेश पोखरियाल निशंक (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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आईआईटी, एनआईटी, आईआईएससी समेत शीर्ष संस्थानों में इस सत्र से बढ़ोतरी होगी। मोदी सरकार अपने चुनावी घोषणा पत्र के तहत 2024 तक इन सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी कर लेगी। इसके अलावा विदेशों की तर्ज पर गुणवत्ता युक्त शिक्षा व रोजगार मुहैया करवाने के मकसद से बाजार की मांग के आधार पर नए कोर्स भी जोड़े जाएंगे।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में पिछले हफ्ते उच्च शिक्षा को लेकर बैठक में सीट बढ़ोतरी और इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (आईओई) की संख्या बढ़ाने पर चर्चा हुई। सरकार का मकसद होनहार छात्रों को विदेश जाने से रोकना है।
भारतीय छात्र जिन विषयों और डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेते हैं, वैसी ही सुविधाएं भारतीय शिक्षण संस्थानों में शुरू की जाएगी। इसके लिए आईआईटी, एनआईटी समेत देश के बेहतरीन संस्थानों में ऐसे कोर्स, डिग्री प्रोग्राम शुरू करने के साथ-साथ सीटों में बढ़ोतरी होगी।
स्नातक प्रोग्राम में सबसे अधिक सीटों में बढ़ोतरी मार्केट डिमांड और रोजगार देने वाले डिग्री प्रोग्राम में होगी, ताकि छात्र भारत में रहकर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता युक्त पढ़ाई कर सकें। 2019 में करीब 7 लाख 50 हजार भारतीय छात्रों ने उच्च शिक्षा के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया है।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में पिछले हफ्ते उच्च शिक्षा को लेकर बैठक में सीट बढ़ोतरी और इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (आईओई) की संख्या बढ़ाने पर चर्चा हुई। सरकार का मकसद होनहार छात्रों को विदेश जाने से रोकना है।
भारतीय छात्र जिन विषयों और डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेते हैं, वैसी ही सुविधाएं भारतीय शिक्षण संस्थानों में शुरू की जाएगी। इसके लिए आईआईटी, एनआईटी समेत देश के बेहतरीन संस्थानों में ऐसे कोर्स, डिग्री प्रोग्राम शुरू करने के साथ-साथ सीटों में बढ़ोतरी होगी।
स्नातक प्रोग्राम में सबसे अधिक सीटों में बढ़ोतरी मार्केट डिमांड और रोजगार देने वाले डिग्री प्रोग्राम में होगी, ताकि छात्र भारत में रहकर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता युक्त पढ़ाई कर सकें। 2019 में करीब 7 लाख 50 हजार भारतीय छात्रों ने उच्च शिक्षा के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया है।
अभी तक 19 संस्थानों को आईओई का दर्जा
इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस अब 30 के बजाय 50 होंगे। शुरुआत में इनकी संख्या 20 थी, जिनमें 10 सरकारी और 10 निजी संस्थानों को शामिल किया गया था। हालांकि 2018 में इनकी संख्या 30 कर दी गई। इसके तहत अभी तक यूजीसी से 20 संस्थानों को आईओई का दर्जा मिल चुका है।


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