यूजीसी ने अपने सर्कुलर में कहा है कि कॉलेज/विवि अंतिम वर्ष/सेमेस्टर की परीक्षाएं अनिवार्य रूप से कराएं। बिना परीक्षा डिग्री नहीं दे सकते। लेकिन देशभर से लाखों स्टूडेंट्स यूजीसी के इस फैसले के खिलाफ हैं। यूजीसी के सर्कुलर के खिलाफ देश के 13 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश से 31 स्टूडेंट्स ने मिलकर 27 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लगाई थीं। आज उन्हीं पर कोर्ट सुनवाई करेगा।
जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बेंच के समक्ष इस मामले की सुनवाई होगी। स्टूडेंट्स की मांग है कि अंतिम वर्ष/सेमेस्टर की परीक्षाएं रद्द की जाएं। विद्यार्थियों को पिछली परीक्षाओं में उनकी परफॉर्मेंस और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर अंक देकर रिजल्ट जारी किया जाए और डिग्रियां दी जाएं।
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याचिकाकर्ताओं में से एक स्टूडेंट कोरोना संक्रमित है। उसने मांग रखी है कि यूजीसी भी सीबीएसई (CBSE) का मॉडल अपनाए। जो स्टूडेंट्स इंटरनल असेसमेंट या पुराने परफॉर्मेंस के आधार पर अपने रिजल्ट से संतुष्ट न हों, उन्हें बाद में परीक्षा देने का विकल्प दे दिया जाए।
गौरतलब है कि यूजीसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 818 यूनिवर्सिटीज में से 209 फाइनल ईयर एग्जाम्स हो चुके हैं। जबकि 394 अगस्त या सितंबर में ऑनलाइन/ऑफलाइन/ब्लेंडेड मोड पर परीक्षाएं कराने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा 35 यूनिवर्सिटीज ऐसी हैं जहां का पहला बैच अभी फाइनल ईयर में नहीं पहुंचा है।

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