UP Board Results 2020: 12वीं पास करने के बाद छात्र के पास करने के लिए बहुत से कोर्स होते हैं। अगर छात्र को रूचि के हिसाब से कोर्स मिल जाए, तो उसके सफल होने के अवसर बढ़ जाते हैं। अगर आपको भी भाषा से लगाव है और नई चीजे सिखने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, तो आप फॉरेन लैंग्वेज कोर्स चुन सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद क्या हैं करियर की संभावनाएं और कहां मिल सकती है नौकरी जानते हैं आगे-
विदेशी भाषा कोर्स के लिए शैक्षणिक योग्यता:
- मान्यताप्राप्त संस्थान से 12वीं पास छात्र फॉरेन लैंग्वेज सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री कोर्सेस में प्रवेश लें सकतेे हैंं।
ये स्किल्स है जरूरी:
कम्युनिकेशन स्किल्स- इस क्षेत्र में सफल करियर बनाने के लिए आपके अंदर कम्युनिकेशन स्किल्स का होना बहुत ही जरुरी है। बिना कम्युनिकेशन स्किल्स के इस फील्ड में काम कर पाना काफी कठिन होगा।
सीखने की ललक - आपके अंदर नया जानने की जिज्ञासा जरूर होनी चाहिए। इसेे जितना जल्दी सीखेंगे उतनी ही जल्दी आप आगे पढ़ पाएंगे।
पॉजिटिव एटीट्यूड- इस फील्ड में काम करने के लिए आपमें पॉजिटिव एटीट्यूड का होना बहुत ही जरुरी है।

फॉरेन लैंग्वेज के कोर्स हैं उपलब्ध:
फॉरने लैंग्वेज कोर्स के लिए सर्टिफिकेट की अवधि 6 महीने से एक साल, डिप्लोमा 1-2 साल व स्नातक के लिए 3 साल की अवधि है।
- स्नातक / स्नातकोत्तर कार्यक्रम
- विदेशी भाषा में डिप्लोमा
- विदेशी भाषा एडवांस डिप्लोमा
- विदेशी भाषा सर्टिफिकेट कोर्स
- विदेशी भाषा पाठ्यक्रम में पीएचडी
यहां मिलेगी नौकरी:
शिक्षक - इस कोर्स को अच्छे से करने के बाद आप खुद इसे पढ़ा कर अच्छेे पैसे कमा सकते हैं। वहीं कई इंस्टीट्यूट फॉरन लैंग्वेज का कोर्स कराते हैं, जहां आप शिक्षक के रूप में अच्छी कमाई कर सकते हैं।
ट्रांसलेटर - इस कोर्स को करने के बाद आप ट्रांसलेटर की नौकरी कर सकते हैं।
फॉरेन लैंग्वेज के प्रमुख संस्थान:
- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
- हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद
- रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, कोलकाता
UP Board Results 2020: 12वीं पास करने के बाद छात्र के पास करने के लिए बहुत से कोर्स होते हैं। अगर छात्र को रूचि के हिसाब से कोर्स मिल जाए, तो उसके सफल होने के अवसर बढ़ जाते हैं। अगर आपको भी भाषा से लगाव है और नई चीजे सिखने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, तो आप फॉरेन लैंग्वेज कोर्स चुन सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद क्या हैं करियर की संभावनाएं और कहां मिल सकती है नौकरी जानते हैं आगे-
विदेशी भाषा कोर्स के लिए शैक्षणिक योग्यता:
- मान्यताप्राप्त संस्थान से 12वीं पास छात्र फॉरेन लैंग्वेज सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री कोर्सेस में प्रवेश लें सकतेे हैंं।
ये स्किल्स है जरूरी:
कम्युनिकेशन स्किल्स- इस क्षेत्र में सफल करियर बनाने के लिए आपके अंदर कम्युनिकेशन स्किल्स का होना बहुत ही जरुरी है। बिना कम्युनिकेशन स्किल्स के इस फील्ड में काम कर पाना काफी कठिन होगा।
सीखने की ललक - आपके अंदर नया जानने की जिज्ञासा जरूर होनी चाहिए। इसेे जितना जल्दी सीखेंगे उतनी ही जल्दी आप आगे पढ़ पाएंगे।
पॉजिटिव एटीट्यूड- इस फील्ड में काम करने के लिए आपमें पॉजिटिव एटीट्यूड का होना बहुत ही जरुरी है।
फॉरेन लैंग्वेज के कोर्स हैं उपलब्ध:
फॉरने लैंग्वेज कोर्स के लिए सर्टिफिकेट की अवधि 6 महीने से एक साल, डिप्लोमा 1-2 साल व स्नातक के लिए 3 साल की अवधि है।
- स्नातक / स्नातकोत्तर कार्यक्रम
- विदेशी भाषा में डिप्लोमा
- विदेशी भाषा एडवांस डिप्लोमा
- विदेशी भाषा सर्टिफिकेट कोर्स
- विदेशी भाषा पाठ्यक्रम में पीएचडी
यहां मिलेगी नौकरी:
शिक्षक - इस कोर्स को अच्छे से करने के बाद आप खुद इसे पढ़ा कर अच्छेे पैसे कमा सकते हैं। वहीं कई इंस्टीट्यूट फॉरन लैंग्वेज का कोर्स कराते हैं, जहां आप शिक्षक के रूप में अच्छी कमाई कर सकते हैं।
ट्रांसलेटर - इस कोर्स को करने के बाद आप ट्रांसलेटर की नौकरी कर सकते हैं।
फॉरेन लैंग्वेज के प्रमुख संस्थान:
- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
- हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद
- रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, कोलकाता
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