उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने दसवीं और बारहवीं की कॉपियों का मूल्यांकन गोरखपुर में 12 मई से शुरू कराने का फैसला लिया है। मूल्यांकन केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन होगा। परीक्षकों के बीच दो मीटर की दूरी अनिवार्य होगी, वहीं कॉपियों के बंडल को भी सैनिटाइज किया जाएगा। शुक्रवार को ही बोर्ड ने ऑरेंज जोन में मूल्यांकन शुरू कराने का आदेश दिया है। प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला का आदेश गोरखपुर भी पहुंचा है।
कोरोना महामारी की वजह से बोर्ड ने मार्च में शुरू हुए मूल्यांकन कार्य को स्थगित कर दिया था। लॉकडाउन दो के दौरान एक बार फिर मूल्यांकन कार्य को पांच मई से शुरू कराने की कवायद हुई। मगर तब तक सरकार ने लॉकडाउन तीन का एलान कर दिया। जिसके बाद शिक्षक संगठनों की ओर से मूल्यांकन कार्य को स्थगित किए जाने की मांग की जा रही थी।
शासन स्तर पर आयोजित बैठकों में तय हुआ कि फिलहाल ग्रीन जोन के 20 जिलों में ही पांच मई से मूल्यांकन होगा। ऑरेंज और रेड जोन के जिलों में मूल्यांकन कार्य स्थगित रहेगा। मगर एक बार फिर बच्चों के हित को देखते ऑरेंज जोन के 36 जिलों में भी मूल्यांकन शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। शहर के पांच मूल्यांकन केंद्रों पर सात लाख 24 हजार 481 कॉपियों का मूल्यांकन 2933 परीक्षकों की ओर से किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षाओं के खत्म होने के बाद 17 मार्च तक 48,220 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ है जबकि 6,76261 कॉपियों का मूल्यांकन होना शेष है। बोर्ड ने जिले को 7,24481 कॉपियां मूल्यांकन के लिए आवंटित की हैं। परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी के लिए जुबिली इंटर कॉलेज में कंट्रोल रूम बनाया गया है। सभी केंद्रों के सीसीटीवी कैमरे इससे जोड़े गए हैं। मूल्यांकन केंद्र पर मोबाइल लेकर जाना प्रतिबंधित होगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि ऑरेंज जोन के जिलों में मूल्यांकन कार्य 12 मई से शुरू कराने का निर्देश मिला है। तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मूल्यांकन कार्य को लेकर बोर्ड की ओर से जारी गाइड लाइंस का शत प्रतिशत पालन कराया जाएगा। इसकी सूचना परीक्षकों को प्रेषित की जा रही है। कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए मूल्यांकन केंद्र पर व्यापक प्रबंध किए जाएंगे। परीक्षकों से भी ये अपेक्षा की जाती है कि वे नियमों का पालन करेंगे।
शर्मा गुट करेगा मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने 12 मई से शुरू होने जा रहे यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूूल्यांकन के बहिष्कार का निर्णय लिया है। शनिवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में अध्यक्ष डॉ. दिग्जियनाथ पांडेय और मंत्री श्याम नारायण सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी हठवादिता के चलते शिक्षकों के जीवन को खतरे में डाल रही है।
जब कोरोना संक्रमितों की संख्या सैकड़ों में थी तो मार्च में मूल्यांकन कार्य को स्थगित किया गया। अब जब आंकड़ा हजारों में है तो मूल्यांकन शुरू कराने जा रही है। बैठक में प्रदेश मंत्री यशवंत सिंह, मंडलीय मंत्री ज्ञानेश राय, अयोध्या राय सदस्य कार्यकारिणी, जितेंद्र सिंह, अविनाश मिश्रा, सुनील राय, कोषाध्यक्ष देवनाथ राय, उपाध्यक्ष बालेश्वर पांडेय, शैलेंद्र सिंह, वागीश सिंह, दुर्गेश मिश्र, कलीम अशरफ, मो. महशर आदि मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने दसवीं और बारहवीं की कॉपियों का मूल्यांकन गोरखपुर में 12 मई से शुरू कराने का फैसला लिया है। मूल्यांकन केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से अनुपालन होगा। परीक्षकों के बीच दो मीटर की दूरी अनिवार्य होगी, वहीं कॉपियों के बंडल को भी सैनिटाइज किया जाएगा। शुक्रवार को ही बोर्ड ने ऑरेंज जोन में मूल्यांकन शुरू कराने का आदेश दिया है। प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला का आदेश गोरखपुर भी पहुंचा है।
कोरोना महामारी की वजह से बोर्ड ने मार्च में शुरू हुए मूल्यांकन कार्य को स्थगित कर दिया था। लॉकडाउन दो के दौरान एक बार फिर मूल्यांकन कार्य को पांच मई से शुरू कराने की कवायद हुई। मगर तब तक सरकार ने लॉकडाउन तीन का एलान कर दिया। जिसके बाद शिक्षक संगठनों की ओर से मूल्यांकन कार्य को स्थगित किए जाने की मांग की जा रही थी।
शासन स्तर पर आयोजित बैठकों में तय हुआ कि फिलहाल ग्रीन जोन के 20 जिलों में ही पांच मई से मूल्यांकन होगा। ऑरेंज और रेड जोन के जिलों में मूल्यांकन कार्य स्थगित रहेगा। मगर एक बार फिर बच्चों के हित को देखते ऑरेंज जोन के 36 जिलों में भी मूल्यांकन शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। शहर के पांच मूल्यांकन केंद्रों पर सात लाख 24 हजार 481 कॉपियों का मूल्यांकन 2933 परीक्षकों की ओर से किया जाएगा।
48,220 कॉपियों का हुआ मूल्यांकन
बोर्ड परीक्षाओं के खत्म होने के बाद 17 मार्च तक 48,220 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ है जबकि 6,76261 कॉपियों का मूल्यांकन होना शेष है। बोर्ड ने जिले को 7,24481 कॉपियां मूल्यांकन के लिए आवंटित की हैं। परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी के लिए जुबिली इंटर कॉलेज में कंट्रोल रूम बनाया गया है। सभी केंद्रों के सीसीटीवी कैमरे इससे जोड़े गए हैं। मूल्यांकन केंद्र पर मोबाइल लेकर जाना प्रतिबंधित होगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि ऑरेंज जोन के जिलों में मूल्यांकन कार्य 12 मई से शुरू कराने का निर्देश मिला है। तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मूल्यांकन कार्य को लेकर बोर्ड की ओर से जारी गाइड लाइंस का शत प्रतिशत पालन कराया जाएगा। इसकी सूचना परीक्षकों को प्रेषित की जा रही है। कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए मूल्यांकन केंद्र पर व्यापक प्रबंध किए जाएंगे। परीक्षकों से भी ये अपेक्षा की जाती है कि वे नियमों का पालन करेंगे।
शर्मा गुट करेगा मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने 12 मई से शुरू होने जा रहे यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूूल्यांकन के बहिष्कार का निर्णय लिया है। शनिवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में अध्यक्ष डॉ. दिग्जियनाथ पांडेय और मंत्री श्याम नारायण सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी हठवादिता के चलते शिक्षकों के जीवन को खतरे में डाल रही है।
जब कोरोना संक्रमितों की संख्या सैकड़ों में थी तो मार्च में मूल्यांकन कार्य को स्थगित किया गया। अब जब आंकड़ा हजारों में है तो मूल्यांकन शुरू कराने जा रही है। बैठक में प्रदेश मंत्री यशवंत सिंह, मंडलीय मंत्री ज्ञानेश राय, अयोध्या राय सदस्य कार्यकारिणी, जितेंद्र सिंह, अविनाश मिश्रा, सुनील राय, कोषाध्यक्ष देवनाथ राय, उपाध्यक्ष बालेश्वर पांडेय, शैलेंद्र सिंह, वागीश सिंह, दुर्गेश मिश्र, कलीम अशरफ, मो. महशर आदि मौजूद रहे।
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