Edited By Archit Gupta | आईएएनएस | Updated:
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, "ई-पाठशाला वेबसाईट एवं मोबाइल एप पर डिजिटल पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।" एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ई-पाठशाला वेबसाईट पर पुस्तकों को कई भाषाओं में उपलब्ध करवाया गया है। यहां कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक एनसीईआरटी की सभी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। प्रत्येक राज्य के छात्र जिस भाषा में अपने पाठ्यक्रम को पढ़ते हैं वह उसी भाषा में इन पुस्तकों को यहां हासिल कर सकते हैं।"
देश के अन्य राज्यों एवं दिल्ली में स्कूली पुस्तकों एवं स्टेशनरी की दुकानें खोलने की मंजूरी दी जा चुकी है। सरकार द्वारा एकल दुकानों को स्वीकृति दिए जाने के बावजूद पुस्तकों की अधिकांश दुकानें अभी भी बंद है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के अधिकांश प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों के भी कई पब्लिशर अंसारी रोड से अपने प्रतिष्ठान चलाते हैं, हालांकि फिलहाल पुस्तकों के यह सभी स्टोर बंद हैं।
ऐसा ही हाल स्कूली किताबों की दिल्ली स्थित सबसे बड़ी मार्केट नई सड़क का है। पूरी नई सड़क मार्केट में फिलहाल स्टेशनरी की ही इक्का-दुक्का दुकानें खुल रही हैं, जबकि स्कूली पुस्तकों की दुकानें अभी भी यहां बंद पड़ी हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के मुताबिक स्कूली पाठ्यक्रम से जुड़ी किताबों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने छात्रों के साथ हुई ऑनलाइन चर्चा में कहा, "एनसीईआरटी की किताबें सभी छात्रों को मुहैया हो सके इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। किताबों की कोई कमी नहीं है प्रत्येक राज्य में छात्रों को किताबें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं और प्रत्येक राज्य में पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध करवाई गई हैं।"
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय जहां पुस्तकें उपलब्ध करवाने का दावा कर रहा है वहीं दूसरी ओर ऐसी पुस्तकें छात्रों तक पहुंचाने वाली दुकानों पर अभी तक ताले लटके नजर आ रहे हैं।
छात्रों की इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए ई-पाठशाला वेबसाइट पर ऑडियो वीडियो प्लेटफॉर्म स्थापित कर डिजिटल पुस्तकों को अपलोड किया गया है। छात्र अब अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार इन पुस्तकों को पढ़ सकते हैं।

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