UP Board 2020: कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। ऐसे में सरकार ने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसके अलावा यूपी के 15 जिलों को सील कर दिया है। जनता घरों में रहकर सरकार की मदद कर रही है।
ऐसे में बिजनेस सेक्टर से लेकर शिक्षा सेक्टर तक हर क्षेत्र आज इस महामारी के चलते प्रभावित है। न जानें कितने राज्यों ने अपनी बोर्ड की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। इसके अलावा शिक्षा के बड़े-बड़े कार्यक्रमों को भी स्थगित कर दिया गया है। लेकिन यूपी बोर्ड की परीक्षाएं समय रहते संपन्न हो गई। छात्र-छात्राओं को अब परीक्षा के परिणामों का इंतजार है।
अपना समय व्यर्थ करने की बजाय छात्र-छात्राएं अपने भविष्य के बारे में सोचें। यह समय उत्तम है। यहां हम आपको एक ऐसी फील्ड के बारे में बता रहे हैं जिससे माध्यम से आप प्राइवेट नौकरी के साथ सरकारी नौकरी भी पा सकते हैं। पढ़ते हैं आगे...
- यहां हम बात कर रहे हैं इंजीनियरिंग की। इंजीनियरिंग की बेहद प्रसिद्ध स्ट्रीम्स के अलावा कुछ और भी स्ट्रीम्स हैं, जिनमें अच्छा भविष्य है, इनमें से ऐसी ही एक स्ट्रीम है पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की।
- पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग कोर्स की ऐसी शाखा है, जो हाइड्रोकार्बन जैसे कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के उत्पादन के अध्ययन से संबंधित है।
- पेट्रोलियम इंजीनियर तेल और गैस के उत्पादन और खोज से संबंधित कार्य करते हैं।
- पेट्रोलियम इंडस्ट्री विशेषकर तेल की खोज, ट्रांसपोर्ट और मशीनरी, ड्रिलिंग, प्रोडक्शन, रिजर्व मैनेजमेंट, जैसे अलग-अलग क्षेत्र से संबंध रखती है।
- इस क्षेत्र में करियर काफी आकर्षक और चुनौतीपूर्ण है। इस समय भारत में लगभग 16 लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हैं।
- भारत की पेट्रोलियम इंडस्ट्री के अलावा यहां के पेट्रोलियम इंजीनियर विदेशों में भी काफी संख्या में काम कर रहे हैं। पेट्रोलियम इंजीनियर को फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, जियोलॉजी और इकोनोमिक्स का ज्ञान होना जरूरी है।
शैक्षणिक योग्यता-
- अन्य इंजीनियरिंग ब्रांचेस की ही तरह पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए आपके पास बारहवीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी विषय होने चाहिए।
- पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के बीई/बीटेक कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन होता है।
- पेट्रोलियम इंजीनियरिंग करने के लिए जेईई जैसी परीक्षा या फिर संबंधित संस्थान की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है।
- यह कोर्स चार वर्ष का होता है। इसमें डिप्लोमा कोर्स भी किया जा सकता है। कुछ संस्थानों में एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर भी होता है।
- पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में एमटेक करने के लिए केमिकल या पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बीटेक/बीई होना चाहिए, इसके अलावा पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में एमएससी की डिग्री भी हासिल की जा सकती है।
UP Board 2020: कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। ऐसे में सरकार ने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। इसके अलावा यूपी के 15 जिलों को सील कर दिया है। जनता घरों में रहकर सरकार की मदद कर रही है।
ऐसे में बिजनेस सेक्टर से लेकर शिक्षा सेक्टर तक हर क्षेत्र आज इस महामारी के चलते प्रभावित है। न जानें कितने राज्यों ने अपनी बोर्ड की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। इसके अलावा शिक्षा के बड़े-बड़े कार्यक्रमों को भी स्थगित कर दिया गया है। लेकिन यूपी बोर्ड की परीक्षाएं समय रहते संपन्न हो गई। छात्र-छात्राओं को अब परीक्षा के परिणामों का इंतजार है।
अपना समय व्यर्थ करने की बजाय छात्र-छात्राएं अपने भविष्य के बारे में सोचें। यह समय उत्तम है। यहां हम आपको एक ऐसी फील्ड के बारे में बता रहे हैं जिससे माध्यम से आप प्राइवेट नौकरी के साथ सरकारी नौकरी भी पा सकते हैं। पढ़ते हैं आगे...
- यहां हम बात कर रहे हैं इंजीनियरिंग की। इंजीनियरिंग की बेहद प्रसिद्ध स्ट्रीम्स के अलावा कुछ और भी स्ट्रीम्स हैं, जिनमें अच्छा भविष्य है, इनमें से ऐसी ही एक स्ट्रीम है पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की।
- पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग कोर्स की ऐसी शाखा है, जो हाइड्रोकार्बन जैसे कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के उत्पादन के अध्ययन से संबंधित है।
- पेट्रोलियम इंजीनियर तेल और गैस के उत्पादन और खोज से संबंधित कार्य करते हैं।
- पेट्रोलियम इंडस्ट्री विशेषकर तेल की खोज, ट्रांसपोर्ट और मशीनरी, ड्रिलिंग, प्रोडक्शन, रिजर्व मैनेजमेंट, जैसे अलग-अलग क्षेत्र से संबंध रखती है।
- इस क्षेत्र में करियर काफी आकर्षक और चुनौतीपूर्ण है। इस समय भारत में लगभग 16 लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हैं।
- भारत की पेट्रोलियम इंडस्ट्री के अलावा यहां के पेट्रोलियम इंजीनियर विदेशों में भी काफी संख्या में काम कर रहे हैं। पेट्रोलियम इंजीनियर को फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, जियोलॉजी और इकोनोमिक्स का ज्ञान होना जरूरी है।
शैक्षणिक योग्यता-
- अन्य इंजीनियरिंग ब्रांचेस की ही तरह पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए आपके पास बारहवीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी विषय होने चाहिए।
- पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के बीई/बीटेक कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन होता है।
- पेट्रोलियम इंजीनियरिंग करने के लिए जेईई जैसी परीक्षा या फिर संबंधित संस्थान की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है।
- यह कोर्स चार वर्ष का होता है। इसमें डिप्लोमा कोर्स भी किया जा सकता है। कुछ संस्थानों में एडमिशन 12वीं के अंकों के आधार पर भी होता है।
- पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में एमटेक करने के लिए केमिकल या पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बीटेक/बीई होना चाहिए, इसके अलावा पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में एमएससी की डिग्री भी हासिल की जा सकती है।
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