M Salahuddin | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
कोर्स और योग्यता
कोर्स के दौरान स्टूडेंट को 1 साल में यानी 2 सेमेस्टर में कोर्स को पूरा करना होता है जिसमें उन्हें थिअरी और प्रैक्टिकल दोनों प्रदान तरीकों से पढ़ाया जाता है। यह कोर्स दिल और सीने की शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान पर महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि को भी कवर करता है। दिल कैसे काम करता है और ईसीजी किस तरह काम करता है, यह भी इसकोर्स में पढ़ाया जाता है।
अवसर
डिप्लोमा इन इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम टेक्नॉलजी कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स के लिए गवर्नमेंट और गैरसरकारी विभागों में कई अवसर खुल जाते हैं। आपदा स्थिति में सबसे ज्यादा जरूरत मेडिकल सहयोगियों की होती है जिसमें यही टेक्निशन मेडिकल की सुविधाएं प्रदान कराने में काम आते हैं।
सैलरी
इस फील्ड में करियर की शुरुआत के साथ आप कम से कम 20 हजार रुपये महीने तो कमा ही लेंगे। अनुभव के साथ आपकी सैलरी भी बढ़ती जाएगी।
संस्थान
इंडियन मेडिकल इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, जालंधर, पंजाब
दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली
महर्षि मार्केंडेश्वर यूनिवर्सिटी, अंबाला, हरियाणा
इंस्टिट्यूट ऑफ अलाइड हेल्थ साइंसेज, कोलकाता

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