एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 30 Apr 2020 08:46 AM IST
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जुलाई में नया सत्र शुरू हो जाता था। लेकिन, इस बार जुलाई में पुराने सत्र की परीक्षाएं होंगी और अगस्त में परिणाम आएगा। इस बारे में यूजीसी कमेटी की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को परीक्षाएं एवं एकेडमिक कैलेंडर से संबंधित यह रिपोर्ट के आधार पर इविवि में भी परीक्षाओं एक प्रवेश से संबंधित योजनाओं पर काम शुरू कर दिया गया है। यूजीसी कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में सत्र 2019-20 की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। हालांकि इसके लिए इविवि प्रशासन को एक सप्ताह पहले छात्र-छात्रों को परीक्षा से संबंधित सूचना देनी होगी।
जूलाई परीक्षा कराने के बाद अगस्त में रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा और अगस्त से ही नए सत्र की शुरूआत कर दी जाएगी। वहीं, नव प्रवेशी छात्र-छात्रों के लिए नया सत्र सितंबर-2020 से शुरू होगा। इसके साथ ही मई में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करते हुए पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। ऐसे में छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए काफी वक्त मिल जाएगा। हालंकि स्नातक की कक्षाओं का कोर्स पहले ही पूरा कराया जा चुका है, स्नातक की वार्षिक परीक्षाएं कराने में कोई विशेष दिक्कत नहीं होगी लेकिन सेमेस्टर परीक्षाओं में चुनौतियों का सामना करना होगा।
ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित छात्र-छात्रओं का नुकसान हो रहा है। इस बारे में इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि किसी भी परीक्षार्थी का नुकसान नहीं होगा। लॉकडाउन के बाद स्नातक की वार्षिक परीक्षओं का कार्यक्रम एक सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा। जहां तक सेमेस्टर परीक्षाओं का सवाल है तो पूरा प्रयास होगा कि कक्षाओं का संचालन कराकर दस दिनों में कोर्स पूरा करा दिया जाए।
इविवि में अगस्त में प्रवेश की तैयारी:
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटन महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए परीक्षा जुलाई में आयोजित किए जाने की तैयारी है। इविवि प्रवेश समिति की योजना है कि मई से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करा दी जाए। आवेदन प्रक्रिया लंबी चल सकती है। जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में प्रवेश परीक्षा कराए जाने की तैयारी है, ताकि अगस्त में काउंसलिंग के साथ ही प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और सितंबर से नए सत्र की शुरुआत कर दी जाए। हालांकि यूजीसी कमेटी में अपनी रिपोर्ट में यह सुझाव दिया है कि प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा संयुक्त रूप से कराई जा सकती है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया समय से पूरी करा ली जाए। हालांकि यह विश्वविद्यालयों पर निर्भर करेगा कि वे यूजीसी के सुझाव के अनुसार परीक्षा के लिए तैयार होते हैं, या फिर अपने स्तर से अलग-अलग प्रवेश परीक्षा कराते हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जुलाई में नया सत्र शुरू हो जाता था। लेकिन, इस बार जुलाई में पुराने सत्र की परीक्षाएं होंगी और अगस्त में परिणाम आएगा। इस बारे में यूजीसी कमेटी की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को परीक्षाएं एवं एकेडमिक कैलेंडर से संबंधित यह रिपोर्ट के आधार पर इविवि में भी परीक्षाओं एक प्रवेश से संबंधित योजनाओं पर काम शुरू कर दिया गया है। यूजीसी कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में सत्र 2019-20 की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। हालांकि इसके लिए इविवि प्रशासन को एक सप्ताह पहले छात्र-छात्रों को परीक्षा से संबंधित सूचना देनी होगी।
जूलाई परीक्षा कराने के बाद अगस्त में रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा और अगस्त से ही नए सत्र की शुरूआत कर दी जाएगी। वहीं, नव प्रवेशी छात्र-छात्रों के लिए नया सत्र सितंबर-2020 से शुरू होगा। इसके साथ ही मई में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करते हुए पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। ऐसे में छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए काफी वक्त मिल जाएगा। हालंकि स्नातक की कक्षाओं का कोर्स पहले ही पूरा कराया जा चुका है, स्नातक की वार्षिक परीक्षाएं कराने में कोई विशेष दिक्कत नहीं होगी लेकिन सेमेस्टर परीक्षाओं में चुनौतियों का सामना करना होगा।
ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित छात्र-छात्रओं का नुकसान हो रहा है। इस बारे में इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि किसी भी परीक्षार्थी का नुकसान नहीं होगा। लॉकडाउन के बाद स्नातक की वार्षिक परीक्षओं का कार्यक्रम एक सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा। जहां तक सेमेस्टर परीक्षाओं का सवाल है तो पूरा प्रयास होगा कि कक्षाओं का संचालन कराकर दस दिनों में कोर्स पूरा करा दिया जाए।
इविवि में अगस्त में प्रवेश की तैयारी:
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटन महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए परीक्षा जुलाई में आयोजित किए जाने की तैयारी है। इविवि प्रवेश समिति की योजना है कि मई से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करा दी जाए। आवेदन प्रक्रिया लंबी चल सकती है। जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में प्रवेश परीक्षा कराए जाने की तैयारी है, ताकि अगस्त में काउंसलिंग के साथ ही प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और सितंबर से नए सत्र की शुरुआत कर दी जाए। हालांकि यूजीसी कमेटी में अपनी रिपोर्ट में यह सुझाव दिया है कि प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा संयुक्त रूप से कराई जा सकती है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया समय से पूरी करा ली जाए। हालांकि यह विश्वविद्यालयों पर निर्भर करेगा कि वे यूजीसी के सुझाव के अनुसार परीक्षा के लिए तैयार होते हैं, या फिर अपने स्तर से अलग-अलग प्रवेश परीक्षा कराते हैं।
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