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(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)
1/6शरजील मामला: जानें चिकन नेक कॉरिडोर और इसकी अहमियत को

सामरिक रूप से नॉर्थ ईस्ट या पूर्वोत्तर भारत का एक अहम हिस्सा है। भारत के कई पड़ोसी देशों जैसे भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और चीन के पास स्थित होने की वजह से इसकी अहमियत बढ़ जाती है। इस इलाके को भारत से एक कॉरिडोर या गलियारा जोड़ता है, जिसको सिलिगुड़ी कॉरिडोर या चिकन नेक कॉरिडोर कहा जाता है। असम को देश से अलग करने का बयान देने वाले जेएनयू स्टूडेंट्स शरजील इमाम ने इसी चिकन नेक कॉरिडोर का जिक्र किया था। आइए आज इस कॉरिडोर या गलियारे के बारे में जानते हैं कि यह क्या है और भारत के लिए अहम कैसे है...
2/6चिकन नेक कॉरिडोर या सिलिगुड़ी कॉरिडोर की स्थिति

यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी शहर से होकर गुजरता है। इस तंग गलियारे की लंबाई करीब 60 किलोमीटर है और चौड़ाई सिर्फ 22 किलोमीटर। यह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। कॉरिडोर की दूसरी तरफ नेपाल और बांग्लादेश पड़ता है। कॉरिडोर के उत्तरी किनारे पर भूटान है।
3/6कब बना था यह कॉरिडोर?

बंगाल के विभाजन के बाद 1947 में सिलिगुड़ी गलियारा बना था। 1975 में सिक्किम का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले इस कॉरिडोर के उत्तर में सिक्किम की रियासत ही हुआ करती थी। सिक्किम के विलय से इस कॉरिडोर के उत्तरी हिस्से में भारत की रक्षात्मक स्थिति मजबूत हुई और चीन की चुंबी घाटी के पश्चिमी किनारे में भारत का नियंत्रण भी मजबूत हुआ।
4/6क्यों है अहम?

भारत के पूर्वोत्तर और बाकी हिस्से के बीच यह कॉरिडोर पुल का काम करता है। दक्षिण और पश्चिम में बंगाल और उत्तर में चीन होने की वजह से इसकी अहमियत बढ़ जाती है। भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर विवाद है। अगर चीन डोकलाम में सड़क बनाने में कामयाब हो जाता है तो उसके लिए चिकन नेक कहे जाने वाले सिलिगुड़ी तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
5/6चिकन नेक क्यों कहा जाता है?

चिकन नेक किसी देश का सामरिक रूप से अहम इलाका होता है और संरचनात्मक रूप से कमजोर होता है। सिलिगुड़ी कॉरिडोर की भी ऐसी ही स्थिति है। इसलिए ही सिलिगुड़ी कॉरिडोर को चिकन नेक कॉरिडोर भी कहा जाता है।
6/6मौजूदा स्थिति

तीन देशों के लिए संवेदनशील इलाका होने की वजह से इस कॉरिडोर या पट्टी की सुरक्षा का सख्त बंदोबस्त है। भारतीय थलसेना, असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल और पश्चिम बंगाल पुलिस इस इलाके में सघन गश्त गतिविधियों को अंजाम देते हैं। भारत के मुख्य हिस्से और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सड़क मार्ग से परिवहन इसी कॉरिडोर होकर होता है।

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