Sardar Vallabhbhai Patel Death Anniversary: Tribute By Ram Nath Kovind, Venkaiah Naidu, Pm Modi - 69वीं...



एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 15 Dec 2019 11:37 AM IST



सरदार वल्लभभाई पटेल
- फोटो : SARDAR PATEL NATIONAL MEMORIAL, AHMEDABAD



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देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और पूर्व गृह मंत्री रह चुके और लौह पुरुष के रूप में पहचाने जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की आज 69वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजली अर्पित की।

आज इस मौके पर हम आपको सरदार पटेल के बारे में कुछ खास बातें बता रहे हैं। आगे की स्लाइड्स देखें..


  • आजादी से पहले हमारा देश सैकड़ों छोटी-छोटी रियासतों में बंटा था। वे सरदार पटेल ही थे जिन्होंने इन रियासतों का विलय करवा कर भारत को एकता के सूत्र में पिरोया था। 

  • 31 अक्तूबर 1875 को सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म गुजरात के नडियाद (ननिहाल) में हुआ। उनका पैतृक निवास स्थान गुजरात के खेड़ा के आनंद तालुका में करमसद गांव था।

  • वे अपने पिता झवेरभाई पटेल तथा माता लाडबा देवी की चौथी संतान थे। उनका विवाह 16 साल की उम्र में झावेरबा पटेल से हुआ। 

  • आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जिस उम्र में आज के युवा नौकरी और अपनी उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ रहे होते हैं, उस उम्र में सरदार पटेल ने दसवीं की परीक्षा पास की थी। उन्होंने 22 साल की उम्र में हाईस्कूल पास किया था।


  • सरदार पटेल 5 जनवरी 1917 को पहली बार अहमदाबाद नगर निगम के दरियापुर सीट से पार्षद (जिस चुनाव को उन्होंने एक वोट से जीता) और 1924 में अहमदाबाद नगर निगम के मेयर चुने गए थे।

  • देश मे स्वास्थ्य से संबंधित तीसरी लैब साहीबॉग में बनाई गई। ये भी पटेेल के कारण ही मुमकिन हुआ। आजादी से पहले भारत में जन स्वास्थ्य से संबंधित केवल दो ही लैब कराची और पुणे में थे। सरदार पटेल को यह महसूस हुआ कि इसी तरह के कुछ और लैब होने चाहिए जो बीमारियों का पता लगा सकें और पानी के गुणों की जांच कर सकें।


  • सरदार पटेल ने सबसे पहले गुजराती भाषा में टाइपिंग करने के लिए टाइपराइटर की व्यवस्था कराई और फिर अहमदाबाद नगर निगम ने रेमिंगटन कंपनी को 4000 रुपये दिए, ताकि गुजराती भाषा में टाइपराइटर बनाया जा सका।

जब अहमदाबाद नगर निगम के 18 सभासदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, तब सरदार पटेल ने उस समय के प्रसिद्ध वकील जिन्ना की मदद ली। 28 अप्रैल 1922 को फंड्स के दुरुपयोग का मामला अहमदाबाद जिला कोर्ट में दर्ज किया गया, तो उन्होंने खुद का बचाव उम्दा तरीके से किया। लेकिन 1923 में मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में चला गया। वहां जिन्ना ने अपने वकीलों के साथ सरदार पटेल का केस लड़ा और फिर जीत हासिल की।



देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और पूर्व गृह मंत्री रह चुके और लौह पुरुष के रूप में पहचाने जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की आज 69वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजली अर्पित की।


आज इस मौके पर हम आपको सरदार पटेल के बारे में कुछ खास बातें बता रहे हैं। आगे की स्लाइड्स देखें..











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