international tea day 2019 theme: 15 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय...

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

सांकेतिक तस्वीरसांकेतिक तस्वीर
अभी हर साल 15 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है। साल 2004 में मुंबई में व्यापार संघों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बैठक हुई। उसमें अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाने का फैसला किया गया। पहली बार अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस 15 दिसंबर, 2005 को मनाया गया था। देश के पांच प्रमुख चाय उत्पादक देश चीन, भारत, केन्या, वियतनाम और श्रीलंका के अलावा मलावी, तंजानिया, बांग्लादेश, यूगांडा, इंडोनेशिया और मलयेशिया में अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है।

अब 21 मई को मनाया जाएगा

भारत की सिफारिश पर अब संयुक्त राष्ट्र ने 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस घोषित कर दिया है। दरअसल अधिकतर चाय उत्पादक देश में गुणवत्तापूर्ण चाय उत्पादन का सीजन मई में ही शुरू होता है।

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस का महत्व

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस सिर्फ चाय से ही संबंधित नहीं है बल्कि इसका एक मकसद चाय उत्पादकों और चाय मजदूरों की स्थिति बेहतर बनाने के लिए कोशिश भी करना है। भले ही चाय उत्पादक देश काफी लाभ कमाते हैं लेकिन चाय के बागानों में काम करने वाले मजदूरों की हालत बहुत खराब होती है। एक तो उनको उचित वेतन नहीं दिया जाता है और साथ ही काम करने की स्थिति भी काफी खराब होती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर चाय मजदूरों की काम की स्थिति, मजदूरों के अधिकार, दिहाड़ी, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चर्चा को भी प्रोत्साहित करना है। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके माध्यम से चाय उत्पादक देशों में चाय मजदूरों के योगदानों पर प्रकाश डाला जाता है। इसके अलावा चाय संस्कृति का जश्न मनाने का भी यह एक दिन है।

गतिविधियां

इस दिन कामगार संगठनों, व्यापार संगठनों और सिविल सोसायटी द्वारा सेमिनार, कार्यक्रम और चर्चाओं का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर चाय मजदूरों और चाय व्यापार की दुनिया की चिंताओं और समस्याओं पर बात की जाती है। ये संगठन इस मौके पर कल्याणकारी काम भी करते हैं। वे चाय के बारे में जागरूकता भी पैदा करते हैं।



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